उत्तर प्रदेशः नदियां ख़तरे के निशान के पार, सेना बुलाई गई

उत्तर प्रदेश में बाढ़
Image caption उत्तर प्रदेश में बाढ़ के कारण कई नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं

उत्तर प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश के कारण अब 15 जून से अब तक 243 लोगों की मौत हो चुकी है.

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि प्रदेश में भारी वर्षा और बाढ़ से 29 तहसीलों के 694 गॉंवों के लगभग सात लाख 20 हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं.

प्रभावित लोगों में से 28 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा चुका है.

नदियां ख़तरे के निशान के ऊपर

प्रदेश में गंगा का जल स्तर इलाहाबाद, मिर्ज़ापुर, बनारस, गाज़ीपुर और बलिया में ख़तरे के निशान से ऊपर है.

यमुना औरैया, जालौन, हमीरपुर, बांदा, नैनी में ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है.

लखनऊ में प्रदेश के वित्त नियंत्रक शिवराम ने बीबीसी को बताया कि इलाहाबाद और मिर्ज़ापुर में सेना बुला ली गई है.

बलिया और गाज़ीपुर के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है. बलिया में गंगा का जलस्तर ख़तरे के निशान से 2.42 मीटर ऊपर है.

बाढ़ की चपेट में कई ज़िले

गाजीपुर में गंगा का जल स्तर ख़तरे के निशान से 1.80 मीटर ख़तरे के निशान से ऊपर है.

दोनों क्षेत्रों में गंगा का जल स्तर नौ सितंबर 1978 के अधिकतम स्तर के काफी करीब पहुंच गया है.

बलिया में यह 28 सेंटीमीटर और गाजीपुर में 39 सेंटीमीटर नीचे हैं.

गंगा नदी का जल स्तर बुलन्दशहर, फरूर्ख़ाबाद, कन्नौज, मिर्ज़ापुर, बनारस, गाज़ीपुर तथा बलिया में स्थिर है. जबकि रायबरेली और इलाहाबाद में घट रहा है.

बाराबंकी और फैज़ाबाद में घाघरा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है.

राप्ती का जल स्तर गोरखपुर, बहराइच श्रावस्ती, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर में बढ़ रहा है.

बस्ती में कुआनो और कुशीनगर में गण्डक नदी का जल स्तर बढ़ रहा है.राहत आयुक्त के बयान के मुताबिक गोमती नदी का जल स्तर लखनऊ और जौनपुर में बढ़ रहा है.

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