बेटे ने कहा, आसाराम हाजिर नहीं होंगे

  • 30 अगस्त 2013
आसाराम बापू

धार्मिक संत आसाराम बापू के पुत्र ने कहा है कि आसाराम बीमार हैं इसलिए वो शुक्रवार को पुलिस के सामने हाज़िर नहीं होंगे. जोधपुर पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और बलात्कार के मामले में आसाराम को अहमदाबाद जाकर समन सौंपा था.

आसाराम के पुत्र नारायण साई ने कहा कि उनके पिता ने दिल्ली जाने के लिए हवाई जहाज में शुक्रवार सुबह का आरक्षण कराया था लेकिन उनकी तबीयत अचानक ख़राब हो गई इसलिए टिकट को निरस्त कराना पड़ा.

राजस्थान पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए पुलिस की एक टीम को मध्य प्रदेश भेजने का निर्णय लिया है.

आयुर्वेदिक इलाज

पत्रकारों के यह पूछने पर कि आसाराम की कब जोधपुर जाने की योजना है, नारायण साई ने कहा कि यह उनके पिता की स्वास्थ्य पर निर्भर करता है.

नारायण साई ने मीडिया से कहा, "जब बापू जोधपुर (राजस्थान) जाने के लिए पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे तो आपको बता दिया जाएगा."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार नारायण ने कहा कि बापू पश्चिमी दवाइयां नहीं लेते और वो केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा कराएंगे.

जोधपुर (पश्चिम) के पुलिस उपायुक्त अजयपाल लांबा ने शुक्रवार को कहा, "आसाराम के पास गिरफ्तारी से बचने का कोई न्यायोचित कारण नहीं है. अगर वो आज नहीं आते हैं तो जाँच अधिकारी जहाँ आसाराम हैं वहीं जाकर जाँच करने के लिए रवाना हो जाएँगे."

लांबा ने कहा कि आसाराम की गिरफ्तारी का फैसला उनसे पूछताछ करने के बाद ही लिया जाएगा.

पीटीआई के अनुसार जोधपुर पुलिस ने आसाराम के ख़िलाफ़ विभिन्न राज्यों में अब तक दर्ज मुक़दमों का ब्योरा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है.

लांबा ने कहा, "हम आसाराम से जुड़े आपराधिक मामलों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं ताकि उनकी पूछताछ और कार्यवाही के लिए पुख्ता आधार तैयार किया जा सके."

कर्मचारी भी गैर-हाज़िर

दूसरी तरफ आसाराम के आश्रम के जिन तीन कर्मचारियों के पुलिस पूछताछ के लिए आने के उम्मीद थी वो पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए.

लांबा के अनुसार, "इनमें से दो कर्मचारियों ने कहा कि उनसे पहले ही पूछताछ हो चुकी है और अगर पुलिस चाहेगी तो वो फिर से हाज़िर हो जाएंगे. तीसरे कर्मचारी शिवा, जो आसाराम का सेवादार हैं, ने मेडिकल प्रमाणपत्र भेजा है और कहा है कि वो बीमार है इसलिए नहीं आ सकते."

72 वर्षीय आसाराम ने गुरुवार को कहा था कि वो अदालत में हाजिर होने के लिए पुलिस से और मोहलत नहीं लेंगे. जोधपुर पुलिस ने उन्हें 30 अगस्त तक अदालत में हाजिर होने के लिए समन दिया था.

पीटीआई के अनुसार आसाराम ने कहा था कि जेल भेजे जाने की स्थिति में वो अनशन शुरू कर देंगे क्योंकि वो "षडयंत्र के तहत" उन्हें दिए जाने वाले भोजन पर भरोसा नहीं कर सकते.

मध्यप्रदेश की भाजपा नेता उमा भारती और प्रभात झा ने आसाराम का बचाव करते हुए उन पर लगाए गए बलात्कार के आरोप को एक "कांग्रेसी षडयंत्र" बताया था.

आसाराम ने गुरुवार को पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि वे 'उनके खिलाफ साजिश रच रहे' हैं.

आसाराम ने कहा था, "मैं किसी पार्टी का विरोध नहीं करना चाहता. मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा, जो सुन रहा हूं वो आपको बता रहा हूं."

ट्वीट

धार्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने अपने ट्वीट में कहा, "अगर आप सार्वजनिक जीवन में हैं और आपसे ग़लती हो जाती है तो आपको इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना चाहिए. लोगों का दिल आपकी सोच से बहुत बड़ा है. वो आपको माफ कर देंगे और आपकी ग़लती भुला देंगे."

श्री श्री रविशंकर ने एक दूसरे ट्वीट में कहा, "जब उच्च क्षमता और चरित्र वाले व्यक्तियों से ग़लती हो तब उन्हें ख़ुद को क़ानून जितनी सजा दे सकता है उससे ज़्यादा कड़ी सजा देनी चाहिए."

श्री श्री ने यह भी कहा कि आरोप प्रमाणित होने से पहले किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए.

हालांकि श्री श्री रविशंकर ने अपने ट्वीट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है.

आरोप

जोधपुर पुलिस ने बुधवार को आसाराम के खिलाफ एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार और बलात्कार का मामला दर्ज किया था.

पीड़ित उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. उसका कहना है कि आसाराम ने 15 अगस्त के दिन जोधपुर के निकट मनाई गांव में उसके साथ बलात्कार किया.

वहीं मीडिया रिपोर्टो के अनुसार आसाराम के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि इनका मकसद आसाराम की छवि को खराब करना है.

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