भारत डांवाडोल, ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था में सुधार

ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था

भारत जैसी दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तरह ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था भी मुश्किलों से जूझ रही है लेकिन दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर ने ब्राज़ील को बड़ी राहत दी है.

दूसरी तिमाही में ब्राज़ील की आर्थिक विकास दर डेढ़ फीसदी रही है. ये आर्थिक विकास दर विश्लेषकों के अनुमान से भी ज़्यादा है. ब्राज़ील में वित्तीय वर्ष एक जनवरी से शुरू होता है.

इस विकास दर को कृषि और निर्माण क्षेत्र में मज़बूत विकास और निवेश में बढ़ोतरी से जोड़कर देखा जा रहा है.

साल 2012 में दूसरी तिमाही में ब्राज़ील की आर्थिक विकास दर 3.3 फीसदी थी. ये साल 2010 के बाद ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अच्छी तिमाही थी.

साल 2010 में ब्राज़ील की आर्थिक विकास दर 7.5 फीसदी थी. माना जा रहा है कि इस साल ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था 2.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी.

Image caption ब्राज़ील की मुद्रा भी डॉलर के मुकाबले गिरी है.

हालांकि कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अभी जश्न मनाने की ज़रूरत नहीं है.

तीसरी तिमाही में नतीजे और कमज़ोर रहने की संभावना है, कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तीसरी तिमाही में विकास दर शून्य से थोड़ा ही ऊपर रहेगी.

यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि जब तक कि ये साफ़ नहीं होता कि आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन कैसा रहेगा, ब्राज़ील सरकार ने इस साल विकास दर 2.5 फीसदी रहने का अनुमान रखा है .

'आगे कई चुनौती'

सीमित अवधि में ब्राज़ील के सामने विकास दर को बढ़ाने में कई चुनौतियां हैं.

पहली चुनौती डॉलर के मुकाबले रिआल के मूल्य में गिरावट की है. ब्राज़ीलियन रिआल की कीमत बढ़ने से आयात महंगा होता है और महंगाई बढ़ती है.

Image caption ब्राज़ील के सेंट्रल बैंक ने हाल ही में बेंचमार्क ब्याज दर में बढ़ोतरी की है.

इसके अलावा ब्राज़ील में बुधवार को बेंचमार्क ब्याज दर 8.5 फीसदी से बढ़कर नौ फीसदी कर दी गई है. ऐसा महंगाई काबू में लाने के लिए किया गया है.

ब्राज़ील के सेंट्रल बैंक ने संकेत दिए हैं कि वो इस साल के आखिर तक बेंचमार्क ब्याज दर और बढ़ा सकता है. जिसका असर उपभोग और निवेश पर पड़ सकता है.

आखिरी चुनौती, जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक कारोबारियों और उपभोक्ताओं का भरोसा डिगा है.

विश्लेषक इसके लिए कन्फेडरेशंस कप के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन और ब्राज़ील में लोगों की ख़रीदने की ताकत पर महंगाई के असर को ज़िम्मेदार मानते हैं.

ब्राज़ील सरकार को लगता है कि अर्थव्यवस्था को लेकर जो निराशा का माहौल बना है, वह जी़डीपी के ताज़ा आंकड़ों से बदलेगा.

दूसरी तिमाही के आंकड़ों से ब्राज़ील को शक का थोड़ा लाभ दिया जा सकता है.

हालांकि ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों का मिज़ाज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के ख़िलाफ तेज़ी से बदला है, ब्राज़ील को निवेशकों में उत्साह जगाने के लिए और अच्छी ख़बरें देनी होंगी.

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