सीरिया संकट का सैन्य हल नहीं हो सकता: भारत

Image caption सीरिया में संकट गहराने के साथ वहां के 20 लाख लोग बेघर हो गए हैं.

सीरिया को लेकर अमरीका समेत दुनिया भर के देशों में चर्चा चल रही है. अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा है कि सीरिया में जारी संकट को सैन्य तरीके से नहीं हल किया जा सकता है.

भारत लगातार कहता रहा है कि सीरिया में सभी पक्ष हिंसा का रास्ता छोड़ें ताकि संकट के राजनीतिक समाधान के लिए माहौल तैयार किया जा सके जिसमें सीरिया के लोगों की सभी आकांक्षाओं का ध्यान रखा जा सके.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अकबरुद्दीन ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, "इस संकट का सैन्य समाधान नहीं हो सकता है. हम प्रस्तावित 'सीरिया पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस' का बराबर समर्थन कर रहे हैं. इसी तरह सीरिया के संकट का राजनीतिक समाधान निकाला जा सकता है."

रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर उन्होंने आगे कहा, "भारत ऐसे हथियारों को पूरी तरह नष्ट करने के प्रयासों का बराबर समर्थन करता है. अंतरराष्ट्रीय कानून में इनकी मनाही है और किसी को इसका उल्लंघन नहीं करना चाहिए. फिर भी हमें इस बारे में संयुक्त राष्ट्र की जांच के नतीजों का इंतजार है."

इस बीच इसराइल ने पुष्टि की है कि उसने अमरीका के साथ मिलकर भूमध्य सागर मेंमिसाइल का परीक्षण किया है. एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि लड़ाकू विमान से इस मिसाइल को दागा गया.

इस बीच अमरीका में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि राष्ट्रपति बराक ओबामा की योजना सीरिया पर व्यापक सैन्य हमले की है.

अमरीकी सेना के पूर्व वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जैक कीन ने बताया कि बड़े पैमाने पर हमले की जानकारी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ वरिष्ठ सीनेटरों से मिली है.

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