'भारत की शर्त पर पाक को अरबों डॉलर कर्ज़'

भारत, पाकिस्तान, उर्दू अख़बार
Image caption दैनिक सहाफ़त ने निलंबित पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा के खत पर संपादकीय लिखा है.

भारत के उर्दू अख़बारों ने बीते हफ्ते नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति पर ध्यान केंद्रित किया, तो पाकिस्तान के उर्दू अख़बारों में देश के सामने मौजूदा आर्थिक और कानून व्यवस्था की चुनौतियों की ख़ास तौर से चर्चा रही.

दिल्ली समेत भारत के कई शहरों से निकलने वाले ‘राष्ट्रीय सहारा’ की खबर है- ‘अकेले पड़ते जा रहे हैं मोदी’. अख़बार लिखता है कि प्रधानमंत्री पद पर नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी में विरोध के सुर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

अख़बार के अनुसार एलके आडवाणी, शत्रुघ्न सिन्हा और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर तरह-तरह की बातें करना ठीक नहीं है और इस बारे में फैसला पार्टी करेगी.

‘हमारा समाज’ में ये मोदी का बयान देखा जा सकता है- ‘मैं प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखता हूं. सपने देखने वाले बर्बाद हो जाते हैं.’ इस पर कांग्रेस की चुटकी भी अखबार में थी कि मोदी अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाएं.

हज किराए में इज़ाफ़ा

दैनिक सहाफ़त ने निलंबित पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा के ख़त पर संपादकीय लिखा है जिसमें नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार मे गृह राज्यमंत्री अमित शाह पर संगीन आरोप लगाए गए हैं.

अख़बार लिखता है कि मोदी के समर्थक जितने ख़्वाबों में गुम रहते हैं मोदी के लिए सच्चाइयां उतनी दुश्वार होती जा रही हैं.

‘हिंदुस्तान एक्सप्रेस’ ने हज के किराए में वृद्धि पर संपादकीय लिखा है. अख़बार लिखता है कि रुपए की क़ीमत में गिरावट होने से किराया बढ़ने के बाद बहुत से हज यात्रियों को अपना इरादा बदलना पड़ा है.

Image caption भारत के उर्दू अख़बारों में बीते हफ़्ते गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी छाए रहे.

इस साल केंद्रीय हज कमेटी ने एक लाख 23 हजार 511 श्रद्धालुओं को हज पर जाने का मौका दिया है जबकि प्राइवेट ऑपरेटर भी 34 हजार लोगों को पवित्र यात्रा पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं.

लेकिन हाल में रुपए की हालत ख़राब होने का असर हज यात्रा पर भी पड़ा है.

महंगाई की मार

उधर पाकिस्तान का रुख करें तो दैनिक ‘औसाफ’ की ख़बर है- भारत को पसंदीदा देश का दर्जा देने के वादे पर पाकिस्तान को 6.7 अरब डॉलर का कर्ज मंजूर.

अखबार लिखता है कि पाकिस्तान को तीन साल के लिए ये कर्ज़ दिया गया है. आईएमएफ का कहना है कि उम्मीद है कि इस कर्ज़ से पाकिस्तान के आर्थिक हालात बेहतर होंगे.

अख़बार के अनुसार इसके लिए कई शर्तें लगाई गई हैं जिनमें पाकिस्तान एयरलाइंस, पाकिस्तान रेलवे और पाकिस्तान स्टील्स के कुछ हिस्सों के निजीकरण की शर्त लगाई गई है, वहीं भारत को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने और यूरोपीय संघ से व्यापारिक रिश्ते बढ़ाने की शर्त भी लगाई गई है.

कई अख़बारों ने पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई पर दिलचस्प कार्टून बनाए हैं.

दैनिक ‘ख़बरें’ में सरकार को एक बड़े से हाथी के तौर पर दिखाया गया है जो आम लोगों से भरी बस को महंगाई की खाई में धकेल रहा है.

वहीं दैनिक ‘वक़्त’ ने रसोई गैस की कीमतों में 10 रुपए के इज़ाफ़े पर कार्टून बनाया है जिसमें भागते हुए फटेहाल आम आदमी के पीछे जलता हुआ सिलेंडर पड़ा हुआ है.

ज़रदारी की विदाई

दैनिक ‘एक्सप्रेस’ ने राष्ट्रपति पद से आसिफ़ अली जरदारी की विदाई पर लिखा है कि पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास में ये पहला मौका जब एक चुनी हुई सरकार ने निर्वाचित राष्ट्रपति को अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा होने पर पूरे सम्मान के साथ विदाई भोज दिया है.

अख़बार के अनुसार ज़रदारी लोकतांत्रिक तरीके से ही राष्ट्रपति बने और लोकतांत्रिक तरीके से ही उनकी विदाई हो रही है. उनके राष्ट्रपति रहते देश में चुनाव हुए और उनकी अपनी पार्टी पीपीपी को हार का मुंह देखना पड़ा और उसकी विरोधी यानी पीएमएल (एन) सत्ता में आई है.

अखबार ने बतौर राष्ट्रपति देश में मेल-मिलाप और सहमति की नीतियों को बढ़ावा दिए जाने की तारीफ़ की है.

Image caption पाकिस्तान के उर्दू अख़बारों की सुर्ख़ियों में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी छाए रहे.

दैनिक ‘ख़बरें’ ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में हुई नेशनल कमांड की बैठक पर संपादकीय लिखा है जिसके अनुसार बैठक में कहा गया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार पूरी तरह सुरक्षित हैं और ये सोचा भी नहीं जा सकता है कि ये चरमपंथियों के हाथों में चले जाएंगे. ऐसे में इस बारे में विश्व बिरादरी की चिंताएं बेबुनियाद हैं.

कराची में ऑपरेशन

दैनिक ‘मशरिक’ में मलाला यूसुफज़ई को नीदरलैंड्स में अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार दिए जाने की ख़बर को सचित्र प्रकाशित किया.

इसके अलावा कराची में लगातार जारी हिंसा और उससे निपटने के तौर-तरीके बराबर मीडिया की सुर्खियों में रहे. इंसाफ़ की ख़बर है कराची में शांति कायम करने के लिए हर कार्रवाई की जाए- नवाज शरीफ.

कराची से निकलने वाले दैनिक अमन ने शहर में हिंसा फैलाने वालों के ख़िलाफ़ एक लक्षित यानी टार्गेटेड ऑपरेशन चलाया जाएगा, जिसकी कमान अर्धसैनिक बल रेंजर्स के हाथों में होगी और पुलिस उनकी मदद के लिए होगी.

अख़बार के अनुसार ये ऑपरेशन जल्द शुरू होगा और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी.

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