दामिनी और उसके परिवार को न्याय मिला है: शिंदे

दिल्ली बलात्कार मामला विरोध प्रदर्शन
Image caption दिल्ली बलात्कार मामले ने पूरे देश को हिला दिया था.

दिल्ली बलात्कार मामले में चारों दोषियों को मौत की सज़ा का केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने स्वागत किया है.

गृह मंत्री ने कहा, "दामिनी को न्याय मिला है, उसके परिवार को न्याय मिला है. फैसले ने समाज के विद्रोही लोगों के लिए एक नया उदाहरण रखा है कि इस तरह के अपराध करोगे तो इसके अलावा दूसरी कोई सज़ा नही हो सकती.

बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह का आरोप था कि ये पक्षपातपूर्ण फैसला है और राजनीति से प्रेरित है.

इस आरोप को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने कहा, "न्याय व्यवस्था क़ानून का पालन करती है. कोई भी न्याय प्रणाली पर दबाव नहीं डाल सकता."

भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "मैं फैसले का स्वागत करती हूं. ये सज़ा इस तरह के अपराधों के लिए सबक का काम करेगी."

कांग्रेस नेता और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "जिस तरह से पीड़िता की मौत हुई, ये सिर्फ़ बलात्कार का मामला नहीं था. ये क्रूरता और पाश्विकता की इंतेहा थी. देश के क़ानून के मुताबिक ये फैसला सही है और इसका स्वागत है."

'सबक'

दिल्ली पुलिस के संयुक्त कमिश्नर विवेक गोगिया ने फैसले को दिल्ली पुलिस के लिए सबक बताया.

उन्होंने कहा, "इस फैसले को हम लोग अपने लिए सबक मानते हैं. हम जांच को उच्चतम स्तर तक लेकर गए. जांच की जिन-जिन बातों पर अदालत ने हमारी तारीफ़ की, हमें उन्हें अपनी प्रशिक्षण में शामिल करेंगे."

विवेक गोगिया ने कहा, "इस मामले में चार्जशीट बहुत महत्वपूर्ण रही. हमने जल्द से जल्द, महज़ 17 दिन में चार्जशीट दायर की. मेरी टीम ने दिन रात इस पर काम किया."

पूर्व पुलिस कमिश्नर किरण बेदी ने भी फैसला का स्वागत किया. उन्होंने कहा , "चारों को जो सज़ाए-मौत हुई है, ये न्याय हुआ है. दुनिया भर में ये न्याय हेडलाइन बनेगा."

किरण बेदी ने फैसले के लिए पुलिस, वकीलों और उन लोगों को श्रेय दिया जिन्होंने महिलाओं के खिलाफ़ अपराधों का विरोध किया. उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में जिस तरह से लोग सड़कों पर आया उसके चलते सरकार को कानून में बदलाव करना पड़ा.

फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने ट्वीट किया है, "बलात्कारियों को मौत की सज़ा. 13 तारीख वाला ये शुक्रवार न्याय का दिन है. जय हो."

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