मंत्री के भोज में फ़ायरिंग, सरकार की मुसीबत

विवेक खंडूरी
Image caption घटना में घायल हुए विवेक खंडूरी.

देहरादून में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के घर पर शाही दावत उस समय किसी मुंबइया फ़िल्म का मंच बन गई, जब सत्ताधारी कॉंग्रेस के विधायक प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ ने कथित तौर पर वहां अंधाधुंध गोलियां चलाईं जिसमें दो लोग घायल हो गये और एक मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष बाल-बाल बचे.

दावत में मौजूद लोगों के अनुसार गोली आपदा मंत्री यशपाल आर्य और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के बीच से हवा को चीरती हुई निकल गई.

घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है और पुलिस ने इस मामले में मुकद्दमा दर्ज कर लिया है.

इस शाही दावत में लगभग पूरी सरकार और कॉंग्रेस के आधे से ज्यादा विधायक मौजूद थे.

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी थोड़ी ही देर में वहां पंहुचनेवाले थे लेकिन इस घटना के बाद वो नहीं आए.

देहरादून में आज़ से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और इसके एक दिन पहले सरकार में नंबर दो माने जाने वाले, कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने घर में दावत रखी थी.

कानाफूसी

मंत्री निवास के गलियारों में सत्ता-राजनीति की कानाफूसी चल ही रही थी कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक ही गेट पर फायरिंग की आवाज़ सुनाई दी और खानपुर के विधायक प्रणव चैंपियन दाखिल हुए और फिर उन्होंने दावत स्थल पर भी गोलियां दागीं.

इस ताबड़तोड़ फायरिंग में उत्तराखंड आंदोलनकारी विवेक खंडूड़ी और हरिद्वार के कॉंग्रेसी नेता रविंद्र सैनी घायल हो गये और घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई.

दोनों घायल लोगों को शरीर के निचले हिस्से और पैर में गोली लगी है इसलिये वो ख़तरे से बाहर हैं लेकिन इस घटना ने अपेक्षाकृत शांत समझे जानेवाले उत्तराखंड की राजनीति में दबंगई और बढ़ते अपराधीकरण की ओर इशारा किया है.

विधायक प्रणव चैंपियन वन विकास निगम के अध्यक्ष भी हैं और विवादों और मामले से जुड़े रहे हैं. वो खिलाड़ी और निशानेबाज हैं और उन्होंने निशानेबाजी में कई मेडल भी जीते हैं. उनका विवादों और आपराधिक मामलों से गहरा नाता है.

इसके पहले भी कई मौकों पर वो सार्वजनिक रूप से गोली चला चुके हैं. इस विधायक के खिलाफ गंगा में बड़ी संख्या में मगरमच्छों को भी गोली से मारने का मामला है.

क़रीबी

सरकार और मंत्रियों के खिलाफ उनकी कई टिप्पणी भी विवादास्पद रही है. उनका फेसबुक प्रोफाइल कहता है कि वो बलवान, किसान, जवान और विद्वान चारों गुणों का मिश्रण हैं और केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के क़रीबी हैं.

हरक सिंह रावत ने जिस डिनर डिप्लोमैसी का सहारा लिया अब वही उनके गले की हड्डी बन गया है. हालांकि उन्होंने इससे पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. उन्होंने कहा, “घटना के समय मैं कमरे में था इसलिये मुझे नहीं पता कि गोली किसने और क्यों चलाई.”

घटना सत्ताधारी पार्टी से जुड़ी होने के कारण पुलिस इस मामले में काफी बच-बचाकर चलती हुई नजर आ रही है.

पहले तो काफी समय तक पुलिस इस घटना से इनकार करती रही लेकिन बाद में दबाव में पुलिस ने मंत्री निवास पर फायरिंग करने के आरोप में अज्ञात के ख़िलाफ़ मुकद्दमा दर्ज किया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केवल खुराना ने कहा है, “जांच और पूछताछ चल रही है और अगर कोई नाम सामने आएगा तो उचित कार्रवाई की जाएगी.”

आलाकमान

गोली चलाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और न ही इस घटना के बाद प्रणव चैंपियन से संपर्क हो पा रहा है.

दावत में इस तरह गोली चलाने की करतूत ने बहुगुणा सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री इस घटना से आपे से बाहर हो गये और इसकी खबर आलाकमान तक पंहुच गई है.

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने न केवल घायल कॉग्रेसियों की अस्पताल में जाकर मिजाजपुर्सी की बल्कि घटना की न्यायिक जांच की मांग की है.

उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का कहना है, “प्रदेश में माफिया राज चल रहा है. प्रदेश आपदा का शिकार है लेकिन सरकार के मंत्री और विधायक दावत उड़ा रहे हैं और आपराधिक किस्म के लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है.”

आशंका है कि विधानसभा का पहला दिन इसी गोलीबारी की भेंट चढ़ जाएगा जबकि पहले उम्मीद थी कि प्रदेश में आई आपदा और राहत और पुनर्वास चर्चा का केंद्र रहेंगे.

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