अपने ही ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की मांग!

सुनिल कुमार
Image caption शिकायत में अफ़सरों पर अधिक क़ीमत पर ख़रीदी करने का आरोप लगाया गया था

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने अपने ही ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह को इस आशय का पत्र लिखा है.

सुनिल कुमार के इस पत्र की राजनीतिक और प्रशासनिक महकमे में ख़ूब चर्चा है.

असल में कोरबा के एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनिल कुमार, अपर मुख्य सचिव डीएस मिश्रा और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की प्रबंध संचालक रहीं आर संगीता के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की थी.

केंद्र के मुख्य सतर्कता आयुक्त से की गई इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राज्य में फ़र्नीचर और साइकिल की ख़रीदारी में कथित रुप से घोटाला हुआ है.

शिकायत में इन अफ़सरों पर उन सामानों को अधिक क़ीमत पर ख़रीदने के आरोप लगाए गए थे.

अब इस शिकायत को लेकर राज्य के मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि वे राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे हैं, ऐसे में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच ठीक से नहीं हो पाएगी.

Image caption राज्य के कम से कम 11 आईएएस अफसरों के खिलाफ पहले से ही शिकायतें रही हैं और उनके मामलों की जांच चल रही है

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच सीबीआई से करवाना उचित होगा.

जाँच और शिकायतें

सुनिल कुमार ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि जिन योजनाओं में आर्थिक मदद केन्द्र सरकार से की जाती है, उनमें गड़बड़ी एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच सीबीआई द्वारा ही होनी चाहिए.

केंद्र और राज्य में प्रमुख पदों पर काम कर चुके 1979 बैच के आईएएस सुनिल कुमार अगले साल फ़रवरी में सेवानिवृत होंगे. उन्हें पिछले साल फ़रवरी में छत्तीसगढ़ का मुख्य सचिव बनाया गया था.

मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने ऐसे समय में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जब राज्य में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं.

राज्य के कम से कम 11 आईएएस अफ़सरों के ख़िलाफ़ पहले से ही शिकायतें रही हैं और उनके मामलों की जांच चल रही है.

माना जा रहा है कि अगर सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा नहीं की तो विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है.

दूसरी ओर सीबीआई की जांच होने की स्थिति में भी विपक्षी दलों के लिए यह चुनावी मुद्दा बनेगा ही.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी कहते हैं, “राज्य के मुख्य सचिव ने जो रास्ता अपनाया है, वही रास्ता मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके मंत्रीमंडल के दूसरे सदस्यों को भी अपनाना चाहिए, जिनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के जाने कितने आरोप हैं. इन सबको अपने ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए.”

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