ईशनिंदा: झूठे आरोप पर भी मौत की सजा हो

Image caption भारत के उर्दू अख़बारों में मुज़्ज़फ़रनगर दंगों को ख़ास कवरेज दी गई है.

भारत के उर्दू अख़बारों में बीते हफ्ते जहां मुज़्ज़फ़रनगर दंगों पर हो रही बयानबाजी और राजनीतिक सरगर्मियों को सुर्खी बनाया गया वहीं पाकिस्तान में तालिबान से बातचीत और ईशनिंदा कानून में बदलाव की कोशिशों पर खास तौर से ध्यान दिया गया है.

‘मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश छोड़ दूंगा.’ ये बयान है ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त कन्नड के मशहूर लेखक अनंत मूर्ति का जिसे कई अख़बारों ने अपनी पहली खबर बनाया.

‘इंकलाब’ के अनुसार अनंत मूर्ति का कहना है कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश में खौफ़ का माहौल पैदा होगा, जो देश के विकास और खुशहाली के लिए अच्छा नहीं होगा. इसके जबाव में भाजपा ने कहा कि मूर्ती कभी भी देश छोड़ने को स्वतंत्र हैं.

दंगों की राजनीति

महाराष्ट्र ने निकलने वाले ‘तामीर’ ने अपने संपादकीय में मुज़्ज़फ़रनगर दंगों के राजनीति कोण को विषय बनाया है. अख़बार लिखता है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार अपनी गलती और कमी को स्वीकार करने को तैयार नही हैं और इसीलिए विपक्षी भारतीय जनता को वहां हुए दंगों को नया रंग देने का मौका मिल गया.

अख़बार के अनुसार ऐसे में कांग्रेस, बसपा और सपा को मिलने वाले वोट अगर बंटेंगे तो फ़ायदा बीजेपी को ही होगा. मुज़्ज़फ़रनगर के दंगे भी इसी राजनीतिक फायदे का नतीजा मालूम होते हैं.

दिल्ली से छपने वाले ‘जदीद मेल’ का कहना है कि मुज़्ज़फ़रनगर दंगों को फैलने और फिर इन्हें लेकर राजनीतिक रोटियां सेके जाने का मौका खुद राज्य सरकार ने दिया.

अख़बार लिखता है कि जिस वक्त दो समुदायों के तीन युवकों की हत्या हुई, उसी वक्त सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था. एजेंसियां भी ख़बरदार कर रही थीं कि दूर दूर तक लोग गांवों में जमा हो रहे हैं. लेकिन सरकार ने इसे रोकने की पर्याप्त कोशिश नहीं.

प्याज की बढ़ती कीमतों पर ‘राष्ट्रीय सहारा’ ने सुर्खी लगाई पेट्रोल से भी महंगी हो गई प्याज. अख़बार के मुताबिक अगर सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाए तो प्याज सेंचुरी भी लगा सकती है.

आटा गिराने वाला ड्रोन

उधर पाकिस्तानी ‘नवाए वक्त’ का संपादकीय है भारत और पाकिस्तान की बातचीत में कश्मीरियों को भी शामिल करने का संकेत. अख़बार के अनुसार ये संकेत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज़ अज़ीज ने दिया.

अख़बार लिखता है कि कश्मीरी ही इस समस्या में असल पक्ष हैं इसीलिए कश्मीरियों के बगैर होने वाला कोई फ़ैसला शांति की गारंटी नहीं दे सकता है. इसलिए इस समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक ही होना चाहिए.

Image caption ख़बरें अख़बार में महंगाई को दर्शाने के लिए आटा गिराने वाले ड्रोन का कार्टून बनाया गया है

‘खबरें’ में एक मज़ेदार कार्टून है जिसमें आटे की बढ़ी हुई कीमतों को दर्शाने के लिए एक ड्रोन विमान का सहारा लिया गया है, जो बम नहीं बल्कि आटे की बोरियां दागता है.

दैनिक ‘वक्त’ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ से पाकिस्तान को कर्ज़ दिए जाने पर तंज़ किया है. कार्टून में फटे हाल दुबला पतला आदमी सिर पर कर्जें की बड़ी पांच ईंटें उठाए हुए है. पास ही ख़ड़े प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ आईएमएफ से कर्ज़े के भारी भरकम पत्थर की तरफ ईशारा करते हुए कह रहे हैं, ये भी उठाना होगा.

बातचीत पर सवाल

‘औसाफ़’ ने लिखा है-तालिबान और सरकार की बातचीत पर शक और शुबहात के गहराते साए. अख़बार लिखता है कि जब तालिबान के प्रवक्ता ने पाकिस्तान फौज के दो अफसरों और एक लांस नायक की हत्या की ज़िम्मेदारी कबूलते हुए कहा कि अभी बातचीत शुरू नहीं हुई, इसलिए हमले जारी रहेंगे.उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फौज तालिबान के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, इसलिए वो भी कोई मौका नहीं गंवाएंगे. तालिबान के अनुसार अगर सरकार बात करना चाहती है तो उसे संघर्षविराम का एलान करना होगा.

‘मशरिक’ ने लिखा है कि अतीत में सरकार की तरफ से क्या हुआ और उसके जवाब में तालिबान ने क्या कार्रवाई की, सरकार और तालिबान अगर इसी का हिसाब किताब करते रहेंगे तो कभी मेलमिलाप नहीं हो सकेगा. बेहतर यही होगा कि इस ख़राब फ़िजा को और ख़राब न किया जाए और कम से कम खामोशी अख्यितार कर ली जाए ताकि ऐसा माहौल बने जिसमें बातचीत मुमकिन हो पाए.

‘कराची’ से छपने वाले अख़बार जंग ने पिछले दिनों पाकिस्तान में हुई इस्लामी नज़रियाती काउंसिल की बैठक में लिए गए अहम फ़ैसले पर संपादकीय लिखा है जिसके मुताबिक ईशनिंदा का झूठा आरोप लगानेवाले को भी वहीं सजा मिलनी चाहिए जो ईशनिंदा के दोषी के लिए मुक्कर है, यानी सजाए मौत.

Image caption पाकिस्तानी अख़बार जंग ने ईशनिंदा पर संपादकीय लिखा है.

अख़बार के मुताबिक काउंसिल के सभी सदस्य इस बात पर एकमत थे कि ईशनिंदा कानून का गलत इस्तेमाल कर रोका जाए. अख़बार के मुताबिक काउंसिल के ताजा फैसले के बाद उन लोगों पर भी लगाम लगेगी और इस कानून का इस्तामेल कर अपने फ़ायदे के लिए दूसरे लोगों को ईशनिंदा के आरोपों में फंसाते देते थे. काउंसिल ने सरकार को कानून में बदलाव करने की सिफ़ारिश भेज दी है.

‘ज़रूर करूंगा दूसरी शादी’

दैनिक पाकिस्तान के पहले पन्ने पर खबर है कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ विदेश मंत्री नहीं बनने जा रही है. अख़बार के अनुसार उनके पारावारिक सूत्रों ने इन खबरों को गलत बताया है कि मरियम को विदेश मंत्री की कुर्सी सौंपने की तैयारी हो रही है.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामले के सलाहकार सरताज अजीज और भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय़्यर की गर्मजोशी से मिलते हुए तस्वीरें भी कई अख़बारों में हैं. मणिशंकर अय्यर भारतीय सांसदों के शिष्टमंडल के साथ पाकिस्तान के दौरे पर हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान को मेहमान नवाज लोगों का देश बताया.

पाकिस्तान के टेनिस स्टार एसामुल हक के तलाक की खबरें भी पाकिस्तानी अख़बारों में दिखी. दैनिक ‘खबरें’ की सुर्खी है- दूसरी शादी जरूर करूंगा. अख़बार लिखता है कि एसामुल हक ने स्वीकार कर ही लिया कि फ़ाहा के साथ उनका तलाक हो चुका है और वो दूसरी शादी के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन तुरंत नही, अभी उनका ध्यान टेनिस पर है.

अख़बार लिखता है कि शादी के कुछ महीनों बाद ही एसामुल हक और फ़ाया के वो अलग अलग रहने की खबरें चलने लगी जिनका उनकी घर वाले खंडन करते रहे.

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