कश्मीर के केरन में ऑपरेशन ख़त्म होने का दावा

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भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले कुछ समय की सबसे लंबी घुसपैठ में से एक के ख़िलाफ़ भारतीय सेना का ऑपरेशन ख़त्म हो गया है.

नियंत्रण रेखा पर स्थित केरन सेक्टर के शाला बातू गांव में यह ऑपरेशन 15 दिन तक चला. इस दौरान सात चरमपंथी मारे गए. कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना के छह जवान भी ज़ख़्मी हुए हैं.

भारतीय मीडिया को दिए बयान में घुसपैठ के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया है. भारतीय सेना का कहना है कि चरमपंथियों के लिए इतने बड़े पैमाने पर घुसपैठ पाकिस्तान की मदद के बिना मुमकिन नहीं थी.

इस ऑपरेशन के दौरान केरन सेक्टर में चरमपंथियों की तलाश के लिए तीन किलोमीटर लंबे इलाक़े में सात बार अभियान चलाया गया.

उत्तरी कमांड के जनरल ऑफ़िसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट संजीव चाचरा ने श्रीनगर में मीडिया से कहा, "नियंत्रण रेखा पर हम पाकिस्तान सेना के साथ आमने-सामने मौजूद हैं. ऐसे में बगैर पाकिस्तानी सेना की जानकारी के इतना बड़ा समूह कैसे घुस सकता है?"

'क़रीब 40 चरमपंथी'

Image caption भारतीय सेना प्रमुख ने भारतीय इलाक़े पर पाकिस्तान के क़ब्ज़े की बात से इनकार किया है

दिल्ली के पास एक कार्यक्रम में मौजूद सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने साफ़ कहा कि केरन में हुई घुसपैठ के पीछे 40 घुसपैठियों का दल हो सकता है, जिनमें से सात मारे गए हैं. बिक्रम सिंह ने भारतीय इलाक़े पर कब़्ज़े की बात से इनकार किया है.

हालांकि लेफ़्टिनेंट जनरल संजीव चाचरा ने भारतीय सीमा में घुसे चरमपंथियों की तादाद नहीं बताई. भारतीय सेना के मुताबिक चरमपंथियों से भारी तादाद में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है.

एक अंग्रेज़ी चैनल को दिए साक्षात्कार में जनरल बिक्रम सिंह ने कहा, "हमें पहले ही घुसपैठ की आशंका थी और इसके सबूत भी काफ़ी समय से हमारे पास थे.. असल में जो भी नियंत्रण रेखा पर मौजूद है, वो जानता है कि कोई भी घुसपैठ नियंत्रण रेखा पर जानकारी या मदद के बिना नहीं हो सकती. और यह घुसपैठ भी पाकिस्तानी सेना की मदद के बिना नहीं हो सकती थी."

जनरल बिक्रम सिंह ने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान प्रशासित इलाके में बड़ी तादाद में चरमपंथी आए हैं और घुसपैठ की ताज़ा घटना पाकिस्तान की तरफ़ से हताशा में की गई कार्रवाई है.

समाचार चैनल से बातचीत में जनरल बिक्रम का कहना था कि भारत किसी भी हालत में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ बर्दाश्त नहीं करेंगा. उन्होंने आशंका जताई कि आगे भी घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं, जिनसे निपटने के लिए भारतीय सेना तैयार है.

भारत का दावा है कि पिछले दो महीने में नियंत्रण रेखा पर क़रीब डेढ़ सौ घुसपैठ की कोशिशें हुईं हैं.

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