आंध्र प्रदेश: कई ज़िलों में छठे दिन भी ब्लैक आउट

  • 9 अक्तूबर 2013
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

दक्षिणी आंध्र प्रदेश के अधिकारियों और हड़ताली बिजली कर्मचारियों के बीच बातचीत विफल हो गई है. बातचीत के कारण बातचीत विफल हो जाने के कारण छठे दिन भी ब्लैक आउट जारी है.

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के करीब 13 ज़िलों में जबरदस्त बिजली संकट है. आंध्र प्रदेश के विभाजन के विरोध में प्रदेश करीब 30 हज़ार बिजली कर्मचारी हड़ताल पर हैं.

विरोध प्रदर्शनों के कारण राज्य में पानी और मोबाइल फ़ोन सेवा भी प्रभावित हुई है.

बिजली संकट के कारण एटीम, पेट्रोल पंप, अस्पताल और केबल टीवी सेवाएँ बाधित हुई हैं.

कई सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहे और उनके कर्मचारी भूख हड़ताल पर चले गए हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने मंगलवार की रात को हड़ताली कर्मचारियों के संग दो दौर की बाचतीत की. उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल ख़त्म करने का अनुरोध किया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार हुए हड़ताली बिजली कर्मियों से जुड़े नेता साईबाबू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ने हमसे अनिश्चित हड़ताल समाप्त करने की अपील की लेकिन हमने इसे अस्वीकार कर दिया. हम हड़ताल में आकस्मिक सेवाओं को भी छूट नहीं देंगे."

अधिकारियों के अनुसार इन बिजली घरों के ठप्प होने के कारण इन इलाकों में 3-10 घंटे तक की कटौती की जा रही है.

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में 11,000 मेगावॉट की ज़रूरत है जबकि इस समय केवल 7500 मेगावॉट की आपूर्ति हो रही है.

केंद्र को चिट्ठी

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "बिजली उत्पादन सबसे ज़्यादा सीमांध्रा इलाके में बाधित हुआ है. हड़ताल के कारण थर्मल और हाइडल दोनों संयंत्र प्रभावित हुए हैं."

हड़ताल के कारण विजयवाड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन और रायलसीमा थर्मल पॉवर स्टेशन सहित राज्य के कई बड़े बिजली घर बंद हैं.

कांग्रेस की आंध्र प्रदेश की राज्य इकाई के अध्यक्ष बोस्ता सत्यानारायणा ने कहा बिजली कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है.

उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि वो केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मसले का हल निकालने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाने के लिए कहेंगे.

तटीय आंध्र और रायलसीमा में आंध्र प्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य बनाने के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

आंध्र प्रदेश से पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए 3 अक्टूबर को कैबिनेट ने मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) के गठन को मंजूरी दी थी.

इस घोषणा के बाद से ही आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

इस फ़ैसले के विरोध में वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू अनशन पर बैठे हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार