मध्यप्रदेश भगदड़: 'पुल पर शव ही शव दिखाई दे रहे थे'

  • 13 अक्तूबर 2013

मध्य प्रदेश के दतिया में एक मंदिर के पास रविवार को हुई भगदड़ में 89 लोग मारे गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये भगदड़ मंदिर के पास बने पुल के टूटने की अफवाह के कारण मची. मरने वालों में महिला, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं.

बीबीसी ने बात की इस हादसे के कुछ चश्मदीदों और घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय पत्रकारों से और इस हादसे के बारे में जानकारी जुटाई.

अतुल चौधरी, प्रत्यक्षदर्शी

सवेरे आठ या सवा आठ बजे की बात है. हम वहीं थे कि बहुत सारे लोग भागते हुए आए और चिल्ला रहे थे कि पुल टूट गया है. हम पास ही एक पहाड़ी पर खड़े थे. जो लोग भागे आ रहे थे उनमें महिला और बच्चे भी शामिल थे.

माहौल में एकदम सनसनी फैल गई. कुछ लोग नदी में कूद गए. कुछ ऊपर से नीचे कूद रहे थे. दस मिनट बाद जब पुल खाली हुआ तो पुल पर शव ही शव दिखाई दे रहे थे.

बहुत से युवा नदी में कूद गए. इस हादसे में मारे गए लोगों में ज्यादातर संख्या महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की है. घटनास्थल पर किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी. नरोत्तम मिश्रा (स्वास्थ्य मंत्री) और पुलिस व प्रशासन के लोग पहुंचे तो वहां कुछ व्यवस्था संभली.

रमाशंकर नागरिया, स्थानीय पत्रकार

जब हम वहां पहुंचे तो लाखों के ढेर लगे हुए थे, वहां कोई प्रशासन का व्यक्ति नहीं था कि उनका पंचनामा भी बनाए. लगभग दो घंटे वहां एसडीओपी पहुंचे.

कुछ देर बाद लोग अपने परिजनों की लाशों को घर ले गए. कुछ लोग नदी में बह गए. इन सभी लोगों को गिनती नहीं की गई है. उन्हीं मृतकों की गिनती हो पाई है जो घटनास्थल पर मौजूद थे.

बताया जाता है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ सुरक्षाकर्मियों लाठियां चलाई जिससे भीड़ दौड़ी, तभी किसी ने कह दिया कि पुल टूट गया है, इसलिए पुलिस लोगों को भगा रही है. इतना सुनने के बाद लोग भागे और एक दूसे के ऊपर चढ़ गए. दब कर कुचल कर, इस तरह लोग मरे हैं.

बीरेंद्र सिंह, स्थानीय पत्रकार

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि लगभग तीन सौ मीटर लंबे पुल पर भीड़ काफी ज्यादा थी और पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में तैनात नहीं था.

यातायात व्यवस्था भी उचित नहीं थी. भीड़ बहुत बढ़ गई थी और इसके कारण लोगों का दम घुटने लगा. इसी बीच किसी ने कह दिया कि पुल टूट गया है.ये सुन कर भीड़ अनियंत्रित हो गई.

कुछ लोग जान बचाने के चक्कर में पुल से भी कूद गए. कुछ लोग इसमें पुलिस को दोषी मान रहे हैं जिनसे वहां लाठी चार्ज भी किया. इससे भीड़ अनियंत्रित हो गई. कुछ गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया.

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