पायलिन के बाद बारिश और बाढ़ का कहर

पायलिन तूफ़ान भले उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गुजर चुका हो लेकिन इसका असर अब भी जारी है.

इस तूफ़ान के बाद मौसम में बदलाव का केंद्र बिहार और झारखंड की ओर शिफ्ट हो चुका है. जहां पिछले दो दिनों से भारी बरसात के चलते चार लोगों की मौत की ख़बर है.

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक इन दोनों राज्यों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है, इससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है.

बिहार में तो बाढ़ के अलर्ट जारी किए जा चुके हैं. ज़्यादा ख़तरा कोसी और गंडक नदी में बाढ़ आने का है.

पटना मौसम विभाग के निदेशक आशीष कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि नेपाल से सटे उत्तर बिहार के इलाकों में अगले 24 घंटे तक जोरदार बरसात होने की आशंका है और इससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.

भारी बारिश से बाढ़ की आशंका

आशीष कुमार के मुताबकि दक्षिण बिहार में भी जोरदार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.

वहीं दूसरी ओर पायलिन तूफ़ान की मार झेलने वाले ओड़िशा में भी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक तूफ़ान के गुजरने के बाद भारी बारिश के चलते करीब पांच लोगों की मौत हुई है.

बीते 14 सालों के सबसे भयंकर समुद्री तूफ़ान पायलिन के गुजरने के बाद ओड़िशा और सटे राज्यों में काफी बारिश हो रही है.

ओड़िशा के विशेष सहायता कमिश्नर प्रदीप्ता कुमार मोहपात्रा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि उत्तरी ओड़िशा के मयूरभंज और बालासोर में बाढ़ के चलते पांच लोगों की मौत हुई है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता तृप्ति पारुले ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि भारी बारिश और तूफ़ान के चलते काफी घर तबाह हो गए हैं.

शनिवार को ओड़िशा और आंध्र प्रदेश में समुद्री तूफ़ान पायलिन आया था, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे.

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