त्योहारों में लोगों को रुला रहा है प्याज़

onions, प्याज

भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है. ऐसे में प्याज़ की ऊंची क़ीमतें आम आदमी की परेशानी का सबब बन रही हैं. कई बड़े शहरों में प्याज़ की कीमतें 90 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं.

भारतीय रसोई के इस अहम किरदार की क़ीमत खुदरा बाज़ार में जहां पेट्रोल की क़ीमतों को पीछे छोड़ती नज़र आ रही है, वहीं थोक बाज़ारों में भी यह 50-60 का भाव छू चुका है.

इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तैयारियों पर जब सवाल उठे, तो केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने इसका ठीकरा जमाखोरों के सिर पर फोड़ते हुए राज्य सरकारों को उनकी भूमिका याद दिलाई.

उन्होंने कहा, “देश में प्याज़ का भंडार पर्याप्त मात्रा में है. राज्य सरकारों को जमाखोरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए, जिनकी वजह से प्याज़ की किल्लत की कृत्रिम स्थिति बनी और प्याज़ के दाम बढ़ रहे हैं."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार आनंद शर्मा ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी, तो प्याज़ का आयात भी किया जा सकता है.

वहीं एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से जब प्याज़ की समस्या पर पत्रकारों ने बात करनी चाही, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि यह मंच इस तरह के सवालों के लिए नहीं है.

आपूर्ति में 'गड़बड़ी'

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पटना और चंडीगढ़ जैसे शहरों में स्थानीय विक्रेता प्याज़ की क़ीमत 80-90 रूपए प्रति किलो लगा रहे हैं, जबकि मुंबई में दाम 70 से 80 के बीच रहने की ख़बरें हैं. हालांकि दिल्ली के मदर डेयरी बूथ पर प्याज़ के दाम 68 रूपए तक पहुंच गए हैं.

शायद यही वजह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री जब पत्रकारों से रूबरू हुईं, तो उन्होंने कहा कि कमी ज़रूर है, लेकिन दिल्ली में स्थिति अब भी नियंत्रण में है.

शीला दीक्षित ने कहा, “आंध्र, उड़ीसा, महाराष्ट्र और गुजरात से जितना प्याज़ आना चाहिए, उतना नहीं आ रहा है. प्याज़ की आपूर्ति में गड़बड़ी रही है. अपनी तरफ से हमने स्थिति को संभालने की हमेशा कोशिश की है, ताकि लोगों की ज़रूरतें पूरी होती रहें.”

उधर केंद्रीय खाद्य मंत्री के वी थॉमस ने निर्यात पर रोक लगाने संबंधी संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया और कहा कि ट्रेडर इस स्थिति का नाजायज़ फ़ायदा उठा रहे हैं.

राजनीतिक स्तर पर प्याज़ का मामला गर्मा तो रहा है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी क़ीमतों आई गर्मी को कम करने के लिए क़दम कितनी तेज़ी से उठाए जाते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार