पटना धमाके: मेहरे आलम पर एनआईए का स्पष्टीकरण

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने कहा है कि भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी की रविवार को पटना में हुई रैली के दौरान हुए सीरियल बम धमाकों के सिलसिले में मेहरे आलम गवाह थे और इसलिए उनके फरार होने का सवाल ही नहीं है.

इससे पहले मीडिया में खबर आई थी कि मेहरे आलम एनआईए की हिरासत से फरार हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट में आलम को पटना विस्फोट का अभियुक्त भी बताया गया था.

एनआईएन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मेहरे आलम को इंडियन मुजाहिद्दीन की गैर-कानूनी गतिविधियों के संबंध में पूछताछ करने के लिए 23 अक्तूबर को नोटिस दी गई थी. ये नोटिस पटना विस्फोट की घटना से पहले दी गई थी.

एनआईएन ने कहा है कि पटना विस्फोट के बारे में मेहरे आलम ने अपनी पहल पर कुछ जानकारी एनआईए को दी और एक अभियुक्त की तलाश में एनआईए की टीम और स्थानीय पुलिस ने मेहरे आलम के साथ छापा मारा, हालांकि वो अभियुक्त मिला नहीं.

रिपोर्ट दर्ज हुई

इसके बाद टीम मुजफ्फरपुर वापस आकर होटल सिद्धार्थ में रुकी. इस दौरान आलम भी एनआईए की टीम के साथ बगल के कमरे में ठहरा थे और यहीं से वो गायब हो गया.

इसके बाद एनआईए ने उसकी तलाश की और उनके नहीं मिलने पर स्थानीय थाने को रिपोर्ट दी, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

इस संबंध में मुजफ्फरपुर के नगर थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद ने जानकारी दी कि मेहरे आलम के गुम होने के संबंध में एनआईए के इंस्पेक्टर बीबी पाठक की ओर से बुधवार सुबह लगभग नौ बजे रिपोर्ट लिखाई गई है.

मेहरे की तलाश जारी

Image caption एनआईए ने दिल्ली से एक अन्य अभियुक्त उज्जैर अहमद को गिरफ्तार किया है.

नरेन्द्र मोदी की रैली के दौरान हुए इन धमाकों में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं.

इन बम घमाकों में मारे गए लोगों के परिवार वालों से मिलने के लिए नरेन्द्र मोदी उनके घर जाने वाले हैं.

दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी घटना देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है, इसलिए सबको एकजुट होकर रहना चाहिए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फ़ोन पर बात की है और उनसे धमाकों की जल्द जाँच करने को कहा है.

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