फाइनल में बढ़े मनोबल के साथ ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा भारत

भारतीय क्रिकेट टीम

भारत और ऑस्ट्रेलिया अब शनिवार को बैंगलोर में एकदिवसीय सिरीज़ के सातवें और आख़िरी मुक़ाबले में आमने-सामने होंगे. यह मैच इस सिरीज़ का नतीजा भी तय करेगा. दोनो टीमें अभी तक इस सिरीज़ में 2-2 से बराबरी पर है.

इस दौरान रांची और कटक के मैच बारिश की भेंट चढ़ गए. भारतीय टीम ने नागपुर में खेले गए पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया को तीन गेंद शेष रहते छह विकेट से हराया था.

एक ऐसे मैच में जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट खोकर 350 रन बनाए हों उसमें भारत का जीतना भले ही नामुमकिन न माना जा रहा हो लेकिन शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने जिस बेदर्दी से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों की ख़बर ली, वैसा भी किसी ने नहीं सोचा होगा.

जीत की भविष्यवाणी

नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जॉर्ज बेली और शेन वाटसन ने जबकि भारत की ओर से शिखर धवन और विराट कोहली ने शतक जमाए, यानि एक ही मैच में चार शतक. इस पूरी सिरीज़ में जिस तरह से बल्लेबाज़ों का क़हर गेंदबाज़ों पर टूटा है उसे देखते हुए यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि बंगलौर में जीत का ऊंट किस टीम के पक्ष में करवट बदलेगा.

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कुछ तो गेंदबाज़ों की ख़राब फ़ॉर्म और कुछ आलोचना के बाद आख़िरकार इस सिरीज़ में सभी गेंदबाज़ों को खेलने का अवसर दिया लेकिन एक भी गेंदबाज़ भरोसेमंद साबित नहीं हुआ.

यहाँ तक कि इस सिरीज़ में पहली बार खेलने वाले लेग स्पिनर अमित मिश्रा तो सबसे महंगे साबित हुए और उन्होंने दस ओवर में 78 रन दिए.

अब भले ही कप्तान धोनी कह रहे हों कि 350 रन से अधिक वाले मैच में भी लगातार किसी टीम का हारना क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है लेकिन इसकी परवाह किसे है?

मोहाली में थोड़ी सी मदद विकेट से मिली तो वहाँ कुछ संघर्ष गेंद और बल्ले के बीच भी दिखाई दिया वर्ना तो अभी तक बल्लेबाज़ों का बल्ला ही बोला है.

बंगलौर से भारत के लिए अच्छा समाचार यह है कि वहाँ ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ मिचेल जॉनसन नहीं खेलेंगे.

बल्लेबाज़ों का बोलबाला

Image caption विराट कोहली और रोहित शर्मा के ऊपर भारतीय बल्लेबाजी की दारोमदार रहेगा

टीम ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली रिटर्न एशेज़ सिरीज़ के लिए वापस बुला लिया है. भारतीय बल्लेबाज़ों को जो थोडी-बहुत परेशानी हुई वह मिचेल जॉनसन ने ही पहुंचाई.

अब यह बात समझ से परे है कि केवल एक मैच पहले जॉनसन को वापस बुलाकर ऑस्ट्रेलिया अपनी गेंदबाज़ी को कितना मज़बूती दे देगा ?

वैसे तो भारत और ऑस्ट्रेलिया को इस सिरीज़ के बाद अपने अपने देश में टेस्ट सिरीज़ खेलनी है जो एकदिवसीय क्रिकेट से बिलकुल अलग तरह की क्रिकेट है.

इसके बावजूद इतना तो तय है कि जो भी टीम बैंगलोर में टॉस जीतेगी वह बढ़े हुए मनोबल के साथ विरोधी टीम का सामना करेगी.

लिहाज़ा थोडा दबाव धोनी पर ज़रूर होगा जबकि ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जॉर्ज बेली बेफ़िक्र होंगे क्योंकि एक तो किसी ने सोचा नहीं था कि यह टीम इतना शानदार खेलेगी और दूसरा वह ख़ुद बल्ले से भी कामयाब रहे हैं.

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