असम में चरमपंथी हमला, सात की मौत

  • 4 नवंबर 2013
असम हिंसा
Image caption हिंसा में जीएनएलए के शामिल होने की आशंका जाहिर की गई है.

भारत के पूर्वोत्तर में असम के ग्वालपाड़ा जिले में रविवार रात हुए हमले में सात लोगों की मौत हो गई है.

ख़बरों के मुताबिक सशस्त्र चरमपंथियों ने जुआ खेल रहे कुछ लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक ये घटना दिवाली की रात हुई. असम का ग्वालपाड़ा ज़िला मेघालय से सटा हुआ है.

इस बात की आशंका भी प्रकट की गई है कि ये कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलए) की हो सकती है.

बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासालीने बताया कि हमले के वक्त तकरीबन 15 लोग सट्टा लगा रहे थे. हमले के बाद वरिष्ठ सरकारी अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है लेकिन यह संख्या बढ़ भी सकती है.

समाचार एजेंसी एपी ने जिलाधिकारी प्रीतम सैकिया के हवाले से बताया है कि नौ घायलों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है.

तनाव का माहौल

बताया जाता है कि इस क्षेत्र में 'राभा हासोंग स्वायत्त परिषद' के चुनाव को लेकर ग्वालपाड़ा में पहले से तनाव का माहौल है. गैर राभा क्षेत्र के लोग खुद को इस स्वायत्त परिषद से बाहर रखने के लिए माँग कर रहे हैं. यह चुनाव 13 से 25 नवंबर के बीच तीन चरणों में होना है.

20 अक्टूबर से ही ग्वालपाड़ा में हिंसा की छिटपुट घटनाओं में लोगों की मौतों का सिलसिला जारी है.

सरकारी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि रविवार रात की घटना का राभा हासोंग स्वायत्त परिषद के चुनाव से कोई संबंध था या नहीं लेकिन उन्होंने इस हिंसा में जीएनएलए के शामिल होने की ओर इशारा किया है.

हालांकि जीएनएलए या क्षेत्र में सक्रिय दर्जनों चरमपंथी संगठनों में से किसी ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

प्रतिबंधित संगठन मुख्यतः मेघालय के गारो हिल जिले के जंगलों में सक्रिय है और ये साल 2009 से ही पृथक राज्य की माँग के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहा है. जीएनएलए पर गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार