कंप्यूटर को हराने वाली शकुलंता देवी पर डूडल

  • 4 नवंबर 2013
गूगल का डूडल
Image caption शकुंतला बचपन से ही अद्भुत प्रतिभा की धनी थीं

आपने आज गूगल खोला होगा तो आपको एक ख़ास डूडल के दर्शन हुए होंगे. इसमें कैलकुलेटर जैसी तस्वीर में गूगल के साथ एक महिला की तस्वीर दिखी होगी.

गूगल का ये डूडल समर्पित है शकुंतला देवी को जिन्हें ह्यूमन कंप्यूटर कहा जाता था. सोमवार को उनका 84वां जन्मदिन है.

अद्भुत प्रतिभा की धनी शकुंतला का मस्तिष्क किसी कैलकुलेटर से कम नहीं था. वो चुटकियों में बड़ी बड़ी गणनाएं कर दिया करती थीं जो उन्हें ह्यूमन कंप्यूटर कहे जाने को सार्थक करता था.

उनका नाम 1982 में ‘गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी शामिल किया गया.

दिलचस्प बात यह है कि बचपन में किसी औपचारिक शिक्षा के बिना ही उनमें चीज़ों को याद करने और संख्याओं की गणना करने की अद्भुत प्रतिभा थी.

कंप्यूटर को हराया

उनके पिता एक सर्कस में काम करते थे और उन्होंने तब अपनी बेटी की इस प्रतिभा को पहचान लिया था जब वो सिर्फ तीन साल की थीं.

अमरीका में 1977 में शकुंतला ने कंप्यूटर से मुक़ाबला किया. इस में 188132517 का घनमूल बता कर शकुंतला देवी ने जीत हासिल की.

1980 में उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज में स्वछंद तरीके से चुनी गईं 13 अंकों वाली दो संख्याओं 7,686,369,774,870 और 2,465,099,745,779 का गुणनफल तुरत फुरत बता दिया.

इसी तरह लंबी लंबी गणनाओं से सबको हैरान कर देने वाली शकुंलता पर 1988 में कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान के प्रोफ़ेसर आर्थर जेंसन ने अध्ययन किया.

जेंसन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उनके नोटबुक पर उत्तर लिखने से पहले ही शकुंतला जबाव दे देती थीं.

इसी साल अप्रैल में शकुलंता देवी का 83 वर्ष की आयु में बंगलौर में निधन हो गया था.

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