शिवराज ने दो सीटों से भरा नामांकन

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव के लिए दो-दो सीटों से पर्चा दाख़िल किया है. ऐसा हार के डर से नहीं बल्कि दूसरी सीट पर मचे दावेदारों का बवाल ठंडा करने के लिए किया गया.

राज्य में चुनाव के लिए पर्चे दाख़िल करने के लिए शुक्रवार को अंतिम दिन था. कई सीटों पर टिकट न मिलने से नाराज़ दावेदारों ने बग़ावत कर निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर पर्चे भरे हैं.

पार्टी ने मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनकी परंपरागत बुदनी विधानसभा सीट के साथ-साथ विदिशा सीट से भी उम्‍मीदवार बनाया गया है.

क्षेत्रीय सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्‍वराज ने गुरुवार रात उनसे मुलाकात कर विदिशा से चुनाव लड़ने के लिए कहा था.

सुषमा स्‍वराज समेत कई भाजपा नेताओं को लग रहा था कि इस समय विदिशा के किसी भी स्‍थानीय नेता को टिकट देने पर बवाल मच जाएगा, इसलिए फैसला लिया गया कि फिलहाल मुख्‍यमंत्री ख़ुद वहां से चुनाव लड़ें.

राघवजी से किनारा

Image caption विदिशा से राघवजी विधायक थे, जो अपने पुरुष कर्मचारी के साथ यौनाचार के मामले में भाजपा से निष्कासित किए जा चुके हैं.

शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद रह चुके हैं. विदिशा से पिछला विधानसभा चुनाव राघवजी ने जीता था, जो अपने पुरुष कर्मचारी के साथ यौनाचार के मामले में पार्टी से निष्‍कासित किए जा चुके हैं.

राघवजी अपनी बेटी को भाजपा का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन भाजपा उनसे दूरी बनाकर रखना चाहती थी. राघवजी की बेटी के अलावा और कई दावेदार थे, जो भाजपा को मुश्किल में डाल सकते थे.

चूंकि विदिशा सुषमा स्‍वराज का निर्वाचन क्षेत्र है, इसलिए यहां से भाजपा की हार के ग़लत संदेश जा सकते थे. इसलिए सुषमा स्वराज ने ख़ुद पहल की और शिवराज को चुनाव लड़ने के लिए राज़ी किया.

शिवराज के खिलाफ कांग्रेस की ओर से विदिशा में शशांक भार्गव और बुदनी में महेंद्र सिंह चौहान उम्‍मीदवार हैं.

कांग्रेस की ओर से एक बड़ा नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का है, जो पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उनके नाम की घोषणा बुधवार को हुई. सुरेश पचौरी रायसेन ज़िले की भोजपुर सीट से लड़ रहे हैं.

दांव पर भविष्य

Image caption यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.

पचौरी के ख़िलाफ़ भाजपा के दिग्‍गज नेता सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेंद्र पटवा मैदान में हैं, जो इस सीट से विधायक भी हैं.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्घन सिंह भी चुनावी समर में उतरे हैं. वह अपने पिता की परंपरागत सीट राघौगढ़ से चुनाव मैदान में हैं.

दिग्विजय लंबे समय से उनकी चुनावी तैयारी करा रहे थे. जयवर्धन सिंह युवा हैं और यह उनका पहला चुनाव है. सिंधिया राजघराने से इस बार यशोधरा राजे सिंधिया भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. व‍ह शिवपुरी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरी हैं.

वे इस सीट से पहले भी विधायक चुनी जा चुकी हैं. फिलहाल वह ग्‍वालियर से लोकसभा की सांसद हैं.

इस बीच राज्य में टिकट बंटवारे को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है. इस दौरान कई स्थानों पर मारपीट की ख़बर भी आई है. राज्‍य की शुजालपुर सीट पर पर्चा भरने जा रहे सेवादल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष महेंद्र जोशी के काफ़िले पर हमला बोल दिया गया.

हमलावर महेंद्र जोशी की उम्‍मीदवारी का विरोध कर रहे थे. गुरुवार रात भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर भी कुछ युवकों ने हमला कर भारी तोड़फोड़ की थी.

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