लोकसभा चुनावों में गठबंधन नहीं: मायावती

मायावती
Image caption मायावती का कहना है कि भाजपा की अंदरूनी कलह से बसपा को फ़ायदा होगा.

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी.

मायावती ने घरेलू नौकरानी की हत्या के मामले में गिरफ़्तार जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह के बारे में कहा कि पुलिस कार्रवाई पूरी होने के बाद ही कोई फ़ैसला लिया जाएगा.

शनिवार की सुबह लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने ये बातें कहीं.

मायावती ने समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर दंगे प्रायोजित करवाने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा एक दूसरे को चुनावी लाभ पहुँचाने के लिए सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही हैं.

'बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई से फ़ायदा'

बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेताओं की अंदरूनी लड़ाई से बहुजन समाज पार्टी को चुनावों में फ़ायदा होगा.

उन्होंने कहा, ''आडवाणी, राजनाथ और मोदी की तिकड़ी जो अंदर-अंदर अपने-अपने स्वार्थ के लिए एक दूसरे को काटने में लगी हुई है, इस तिगड़ी से बहुजन समाज पार्टी को मदद मिलेगी.''

समझौता नहीं

मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. उन्होंने कहा, ''बहुजन समाज पार्टी पूरे देश में किसी भी पार्टी के साथ कोई समझौता करके चुनाव नहीं लड़ेगी. हम कांग्रेस या भाजपा या किसी अन्य पार्टी से अंदरूनी या बाहरी गठबंधन नहीं करेंगे. इस तरह की बातें अफ़वाहें एवं बेबुनियाद है.''

यूपी में गुंडाराज

मायावती ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार की नाकामी की बदनामी न केवल जगज़ाहिर है बल्कि गुंडाराज और माफ़ियाराज के कारण आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है. उन्होंने कहा, ''लैपटॉप बाँटने से विकास नहीं होता है.''

प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अपील करती है.

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