मप्र चुनावः कांग्रेस ने खोला वादों का पिटारा

ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपने चुनावी घोषणापत्र में सत्‍ता में आने पर छात्रों को मुफ़्त लैपटॉप देने और किसानों के क़र्ज़ माफ़ करने जैसे कई वादे किए हैं.

सोमवार को भोपाल में जारी घोषणापत्र में मुसलमानों के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन का अध्ययन करने वाली सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशों को भी लागू करने का वादा किया गया है.

पाँच राज्यों में चुनाव

बारहवीं में 75 फ़ीसदी या इससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को मुफ़्त लैपटॉप देने, बेरोज़गारों को भत्‍ता देने, किसानों के 51 हज़ार रूपए तक के क़र्ज़ माफ़ करने, ‍ग़रीबों को 25 रूपए किलो तुअर दाल और 20 रूपए लीटर खाने का तेल देने का वादा भी किया गया है.

सत्‍तारूढ़ भाजपा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को ग़ैर-ज़िम्‍मेदार बताते हुए कहा कि इसे देखकर लगता है कि कांग्रेस मान चुकी है कि उसकी सरकार नहीं बन रही.

कांग्रेस ने राज्‍य में विधान परिषद के गठन का अपना वादा एक बार फिर दोहराया है. साल 1993 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने विधान परिषद के गठन का वादा किया था.

भाजपा की प्रतिक्रिया

इसके बाद जब विधानसभा के लिए नया भवन बनाया गया उसमें भी विधान परिषद के लिए सदन का निर्माण किया गया लेकिन बाद में वह वादा ठंडे बस्‍ते में चला गया.

घोषणापत्र जारी होने के मौक़े पर केन्‍द्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा, ''कांग्रेस ने जो वादे किए हैं उन्‍हें हर हाल में पूरा किया जाएगा.''

जबकि चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख ज्‍योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार ''भाजपा के दस साल के शासन काल में विकास मानो रुक सा गया है. अब मध्‍यप्रदेश को उभारने का समय आ गया है. घोषणा पत्र में इसी भावना का उल्‍लेख किया गया है.''

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष प्रभात झा ने कहा कि घोषणाएं देखकर तो लगता है कि कांग्रेस को अपनी हार का अहसास हो गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार