शूटिंग में अहम है टाइमिंग और ट्रिगर: हिना

हिना सिद्धू

विश्व शूटिंग प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रचने वाली हिना सिद्धू का कहना है कि "जितनी मैंने मेहनत की है पिछले एक डेढ़ साल में, उसमें अपना कौशल सुधारने के लिए मेहनत की है."

बीबीसी संवाददाता दीप्ति कार्की के साथ बातचीत के दौरान सिद्धू ने कहा कि "मैंने शूटिंग के हर पक्ष पर अलग-अलग ध्यान देकर सुधार किया है. मैं खुश हूं कि मैंने जो ट्रेंनिंग में सीखा है उस सब को इकट्ठा करके मैच में प्रदर्शन कर पाई हूं".

हिना, आप 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं, तो ये जीत क्या आपकी और जीतों से अलग है? कुछ ज्यादा खास है?

ऐसी बात नहीं है कि इंडिया में और शूटर्स नहीं हैं. और भी बहुत अच्छे शूटर्स हैं. मेरे साथ भी काफी देर से ऐसा हो रहा था कि कभी क्वालिफिकेशन अच्छा हो जाता था तो फाइनल खराब होता था. फाइनल अच्छा होता था तो क्वालिफिकेशन का स्कोर लो था.

इस बार मैंने फाइनल्स के लिए काफी मेहनत की. क्योंकि नए नियमों के हिसाब से फाइनल्स का ज्यादा महत्व है और फाइनल्स के आधार पर मेडल्स मिलते हैं.

हिना, जब एक खिलाड़ी, एक शूटर अपने टारगेट के सामने खड़ा होता है, तो क्या मनः स्थिति होती है, नर्वसनेस होती है, दिमाग में क्या चल रहा होता है ?

पहले और अब में शूटर की मानसिक स्थिति में काफी अंतर है, अभी हर खिलाड़ी को उतने ही प्रयास करने हैं और वे रिलेक्स नहीं हो सकते. आप ज्यादा उत्तेजित भी नहीं हो सकते. आपके लिए सबसे अच्छी स्थिति तो यही रहेगी की आप वहां जाए और बस तकनीक पर ही ध्यान दें. जैसे ये फाइनल्स है ही नहीं, जैसे ये ट्रेनिंग है, जैसे ये आम मैच है.

हालांकि, ऐसा करना मुश्किल होता है. यह कहना आसान है. बेचैनी होती ही है, आपको ट्रेनिंग उस हिसाब से करनी है कि आपकी तकनीक उतनी पुख्ता हो कि कोई भी परिस्थिति हो, चाहे जो भी हो, चाहे आपका दिल कितनी ही जोर-जोर से धड़क रहा हो, चाहे आप कितना ही नर्वस हो, आपको पता है कि आपको क्या करना है और आप वह कर पाएं."

हिना, आप बार-बार ट्रेनिंग का जिक्र कर रही हैं, तो किस तरह की ट्रेनिंग होती है या आपने खासतौर पर किस तरह की ट्रेनिंग की?

उसके लिए शूटिंग की समझ चाहिए. अब शूटिंग में एक स्थिरता का, टाइमिंग का बहुत महत्व है, लय बहुत महत्वपूर्ण है, ट्रिगर बहुत महत्वपूर्ण है. ये चार-पांच चीजें मैंने अलग-अलग हिस्सों में की हैं. स्थिरता के लिए मैंने अलग एक्सरसाइज़ेज कीं.

नए नियमों के हिसाब से मैच टाइमिंग कम हो गया है और शॉट्स उतने ही हैं. हमें थोड़ा तेज मूव करना है. लय बढ़ानी है. मैंने ये सब हिस्सों में ट्रेनिंग की है, एक साथ में नहीं किया.

...और क्या खाने पीने का भी आप लोग कुछ खास ध्यान रखते हैं टूर्नामेंट के दौरान?

नहीं, शूटिंग में ऐसा कुछ नहीं है कि खाने पीने के लए आपको कुछ खास ट्रेनिंग मिले. क्योंकि यह कोई शारीरिक खेल नहीं है, जिसमें बहुत सख्ती से ध्यान रखना है, लेकिन मैच से पहले मैं कार्बोहाइडेट्स, प्रोटीन ज्यादा लेती हूं और कॉफी, चाय और चीनी कम कर देती हूं.

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