विश्वकप ब्राज़ील में, डोप टेस्ट स्विट्ज़रलैंड में

  • 13 नवंबर 2013

ब्राज़ील में अगले साल होने वाले फ़ुटबॉल विश्वकप के लिए खिलाड़ियों का डोप टेस्ट स्विट्जरलैंड की एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में कराने का फ़ैसला किया गया है.

फ़ुटबॉल विश्वकप की मेज़बानी करने जा रहे ब्राज़ील में डोपिंग टेस्ट के लिए कोई प्रयोगशाला नहीं है.

इससे पहले विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ब्राज़ील के शहर रियो डी जेनेरो स्थित प्रयोगशाला के डोपिंग परीक्षण करने के दर्जे को रद्द कर दिया था.

चूंकि इस प्रयोगशाला को अगली गर्मियों तक परीक्षण करने का प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सकता इसलिए खिलाड़ियों के डोपिंग परीक्षण के नमूने स्विटज़रलैंड के शहर लुसाने भेजे जाएंगे.

अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल महासंघ (फ़ीफ़ा) ने एक बयान में कहा, "अगले साल विश्वकप के लिए फ़ीफ़ा और वाडा सुनिश्चित करेंगे कि खिलाड़ियों के ख़ून और पेशाब के सही नमूने लिए जाएं और डोपिंग के ख़िलाफ़ लड़ाई में नई रणनीतियों का सही ढंग से इस्तेमाल हो."

बयान में कहा गया है, "फ़ीफ़ा नमूनों को विदेश भेजने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है."

बढ़ जाएगा ख़र्च

Image caption फ़ीफ़ा खून और पेशाब के नमूनों को विदेश भेजने के लिए सभी क़दम उठा रहा है.

फ़ीफ़ा के महासचिव जेरोम वाल्के ने ट्विटर पर लिखा, "एंटी डोपिंग को लेकर फ़ीफ़ा का निर्णय हमारी पहली पसंद पर आधारित नहीं था लेकिन वाडा के साथ ही हमारे पास विश्वकप की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए दूसरा कोई रास्ता नहीं था."

पिछले महीने फ़ीफ़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी माइकल डी हूग़े ने कहा था कि यह विश्वास करना लगभग असंभव है कि ब्राज़ील में डोप परीक्षण की सुविधा नहीं है.

ग़ौरतलब है कि ब्राज़ील 2016 में अलंपिक खेलों की मेज़बानी भी करने जा रहा है.

उन्होंने कहा कि परीक्षण के लिए नमूने यूरोप भेजने से ख़र्च बढ़ जाएगा और परीक्षण करने की पूरी प्रक्रिया में देरी होगी.

ब्राज़ील में 2013 के कन्फ़ेडरेशन कप के दौरान खिलाड़ियों के ख़ून के नमूनों की जांच के लिए वाडा द्वारा प्रमाणित लुसाने स्थित प्रयोगशाला का इस्तेमाल किया गया था.

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