उड़ी अफ़वाह, प्याज़ के बाद नमक भी 100 के पार

  • 15 नवंबर 2013

बिहार के कुछ ज़िलों में अफ़वाह फैली कि गुजरात से नमक की आपूर्ति बंद हो गई है, इसलिए अब बाज़ार में नमक की कमी होने वाली है.

फिर क्या था, अफवाहों के बाद नमक का भाव कई जिलों में इस क़दर बढ़ा कि ये सौ रुपए प्रति किलो का भाव भी पार कर गया. इतना ही नहीं कहीं-कहीं तो नमक को लेकर व्यापारियों और आम लोगों में झड़पें भी हुईं. गुरुवार को भागलपुर, लखीसराय समेत कई जिलों में लोग सड़कों पर भी उतर गए.

हालांकि शुक्रवार को स्थिति में कुछ सुधार आया. राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव शिशिर सिनहा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफ़वाह फैलाने के आरोप में राज्य के ग्यारह ज़िलों में 15 एफ़आईआर दर्ज किए गए हैं और 21 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

शिशिर सिनहा के मुताबिक सबसे ज़्यादा पांच लोगों को बेगूसराय ज़िले में गिरफ़्तार किया गया है जबकि पश्चिमी चंपारण में चार, पूर्वी चंपारण और पूर्णिया ज़िलों से तीन-तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

अफ़वाह

Image caption अफ़वाह फैलाने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है

गुजरात से नमक की आपूर्ति बंद किए जाने के कारण नमक की कमी होने संबंधी अफवाह राज्य के कुछ इलाकों में बुधवार से ही हवा में तैर रही थी और इसने गुरुवार को पूरे सूबे में हलचल मचा दी. सूबे के समस्तीपुर जिले के कुछ इलाकों में बुधवार को भी नमक लगभग सौ रुपए प्रति किलो तक बिकने की खबरें प्राप्त हुई हैं.

राजधानी पटना भी इस अफवाह से अछूता नहीं रहा. अफवाह सुनते ही दुकानों में नमक की खरीददारी करने वालों की भीड़ उमड़ने लगी. देर शाम तक भाव सौ रुपए किलो तक पहुंच गया.

पिछले महीने 22 अक्टूबर को राजधानी के कुछ इलाकों में प्याज 90 से 110 रुपए प्रति किलो के भाव से बिका था.

‘नमक की कमी नहीं’

अफवाह के कारण गुरुवार को राज्य भर में नमक खरीदने की होड़ का व्यापारियों ने भरपूर लाभ उठाया. इस अफवाह के कारण मची अफरा-तफरी ने जहां एक ओर प्रशासन और सरकार को सांसत में डाल दिया तो वहीं दूसरी ओर यह आम लागों की जेबें ढीली कर गया.

इस बीच राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में बताते हुए जनता से अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा कि सरकार कालाबाजारियों से सख्ती से निपटेगी.

मंत्री ने चेतावनी दी कि अफवाहों के कारण जो व्यापारी नमक की कालाबाजारी या जमाखोरी कर रहे हैं, उन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गिरफ्तार भी किया जाएगा.

सूबे में नमक की कालाबाजारी कर रहे कई व्यापारियों को गिरफ्तार किए जाने की भी सूचना है. राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस-प्रशासन की छापेमारी में कम-से-कम 12 लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं. इनमें दरभंगा में तीन, बेतिया में चार और पटना में एक को गिरफ्तार किया गया है.

इधर विभाग के प्रधान सचिव शिशिर कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग ने रात भर थाना से लेकर राज्य स्तर तक मामले की निगरानी की और शुक्रवार सुबह से तय कीमत पर नमक बेचे जाने की सूचना विभिन्न जिलों से विभाग को मिल रही है.

साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में नमक की सप्लाई दुरुस्त है और इसकी कोई कमी नहीं है. ऐसे में लोग जरूरत से अधिक खरीदारी न करें और ज्यादा कीमत वसूलने वालों के खिलाफ प्रशासन से शिकायत करें.

खाद्य एवं उपभेक्ता संरक्षक विभाग ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दाम पर नमक बेचने वालों पर एफआइआर दर्ज करें.

एनएच जाम

Image caption नमक की आपूर्ति बंद होने की अफ़वाह के चलते लोग नमक खरीदने के लिए उमड़ पड़े

नमक संबंधी अफवाहों का व्यापक असर भागलपुर जिले में भी देखा गया. इस संबंध में स्थानीय पत्रकार सुनील कुमार ने बताया, ‘भागलपुर में लोग अफवाह का शिकार होकर गुरुवार को दिन भर नमक स्टॉक करने में लगे रहे. कई लोगों ने तो 10 से 20 किलो तक नमक की खरीदारी की.

शहर के नाथनगर इलाके में इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों ने कुछ समय के लिए एनएच-80 पर स्थित मदनीनगर चैक को जाम कर दिया. शहर के चंपानगर, मदनीनगर व आसपास के इलाके में तो दोपहर बाद नमक 150 रुपए किलो तक बिका.

वहीं बेगूसराय से प्राप्त सूचना के मुताबिक बुधवार की रात से ही जिले के कई क्षेत्रों में नमक को लेकर मारामारी शुरू हो गई थी और गुरुवार की सुबह होते ही चारों तरफ नमक को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया.

बेगूसराय के स्थानीय पत्रकार शशि रंजन ने बताया कि उफवाह का एक असर यह भी देखने को मिला कि कल तक जो दुकानदार नमक का बोरा दुकान बंद करने के बाद भी बाहर छोड़ जाते थे, वे इसकी मांग बढ़ते ही गुरुवार को इसे दुकान के अंदर सुरक्षित करना नहीं भूले.

गौरतलब है कि इसके पहले सोमवार को ओडि़शा के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने इस अफवाह के बाद अफरा-तफरी में नमक खरीदना शुरू कर दिया था कि यह भी आलू की तरह बाजार से गायब हो जाएगा. इससे वहां नमक की कीमत बढ़कर 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी.

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