राजस्थान कांग्रेस: मुफ़्त गेहूं, तीर्थयात्रा और शादी पर लाखों

राजस्थान विधानसभा चुनाव

राजस्थान कांग्रेस ने कहा है कि अगर वह सत्ता में बनी रही तो हर ऐसे परिवार को 35 किलो गेहूं मुफ़्त दिया जाएगा, जो आयकर नहीं देता.

इस दायरे में प्रदेश के किसान, बड़े खेतिहर किसानों सहित वे सभी प्रमुख वर्ग आते हैं, जो आयकर के दायरे में नहीं हैं, लेकिन संपन्न माने जाते हैं.

कांग्रेस ने चुनाव पूर्व घोषणाओं में पांच लाख युवाओं को रोज़गार देने का भी वादा किया गया है और हिंदुत्ववादी वोट रिझाने के लिए गोभक्ति संबंधी सेवाओं और धार्मिक स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर लाने और धार्मिक यात्राओं की सौगात देने के वादे किए गए हैं.

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हिंदू वोटों पर निगाह?

कांग्रेस ने भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए वादा किया है: गोवंश का संरक्षण, गोवंश की सेवा करने वालों को प्रोत्साहन और सम्मान, गोशालाओं को ज़्यादा अनुदान दिया जाएगा.

Image caption अशोक गहलोत कहते हैं कि कांग्रेस का हर घोषणा पत्र सरकार की प्राथमिकताओं का दस्तावेज होता है

इनके अलावा वादे किए गए हैं कि पाकिस्तानी विस्थापितों का चौतरफ़ा विकास किया जाएगा. नागरिकता से जुड़ी समस्याएं और पुनर्वास के मुद्दे हल होंगे.

इनके लिए पृथक निकाय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार समस्याओं का निवारण होगा.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक साल में दो साड़ियां दी जाएंगी और अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के छात्र मेरिट में आते हैं, तो उन्हें एक-एक लाख रुपए मिलेंगे.

एक और घोषणा है विकलांग से विवाह से जुड़ी. इसमें कहा गया है कि विकलांग लडक़े या लडक़ी से शादी करने वाले को सरकार पांच लाख रुपए देगी.

साथ ही, 60 साल की उम्र से अधिक के लोगों को पत्नी या पति के साथ साल में एक बार तीर्थयात्रा कराने का वादा किया गया है.

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आरोप-प्रत्यारोप

हालांकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने इन घोषणाओं की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि प्रदेश की जनता झांसे में नहीं आने वाली.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहते हैं कि कांग्रेस का हर घोषणापत्र सरकारी प्राथमिकताओं का दस्तावेज़ होता है और पहली कैबिनेट बैठक में उस पर मुहर लगवाकर समयबद्ध काम करवाने का आदेश दिया जाता है. झूठे वादे तो जनता से भाजपा करती है.

गहलोत कहते हैं कि मीडियाकर्मियों की विधवाओं को पेंशन देने का प्रावधान भी किया गया है.

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