आंध्र के तटों तक पहुंचा चक्रवाती तूफ़ान हेलेन

तूफ़ान हेलेन

कुछ दिन पहले पायलिन तूफान से भारत के पूर्वी तट पर हुई तबाही के बाद अब हेलेन तूफान का ख़तरा मंडरा रहा है.

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफ़ान हेलेन आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाकों तक पहुँच चुका है.

भारत के मौसम विभाग के निदेशक एलएन राठौर के अनुसार यह चक्रवाती तूफ़ान 80-90 किलोमीटर/प्रतिघंटा की रफ़्तार से डेढ़ से दो बजे के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिण में मछलीपत्तनम तट से टकराया.

इससे पहले तूफ़ान से उपजे हालात का सामना करने के लिए प्रशासन और आम लोग ज़रूरी उपाय करने में जुटे रहे.

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. तूफान से पूर्वी गोदावरी ज़िले के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पूर्वी गोदावरी का ज़िला प्रशासन तूफ़ान हेलेन से संभावित ख़तरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है.

ज़िला अधिकारी नीतू कुमारी ने पीटीआई को बताया, "हम सारी परिस्थिति पर नज़र रख रहे हैं और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी क़दम उठाए गए हैं ताकि तूफ़ान से होने वाले जान-माल के ख़तरे को रोका जा सके."

तेज़ हवाएं और बारिश

तूफान से संभावित ख़तरों को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को नदी के जलस्तर, सड़कों और बिजली उत्पादन घरों की निगरानी के आदेश दिए गए हैं.

विशाखापट्टनम के स्थानीय मौसम विभाग और चक्रवात केंद्र के मुताबिक़ बंगाल की खाड़ी से उठा हेलेन तूफ़ान तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास लगभग 150 किलोमीटर के

दायरे में केंद्रित रहेगा और शुक्रवार को दोपहर तीन से चार बजे के बीच मछलीपट्टनम पहुंचेगा.

इसके प्रभाव से पूरे तटीय आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम से निल्लूर तक भारी बारिश की आशंका बताई जा रही है.

स्थानीय पत्रकार धनंजय ने बीबीसी को बताया कि तूफान को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरी तैयारी की है और श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और नेल्लूर ज़िलों में अधिकारियों को तैनात किया गया है.

लापता मछुआरे

उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. राष्ट्रीय आपदा राहत और बचाव दल की छह टीमों को वहाँ तैनात किया गया है.

पायलिन तूफान के समय 210 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल रही थीं.

लेकिन मौसम विज्ञानियों ने हेलेन में 110 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है. इससे मछ्लीपट्टनम, प्रकाशम, कृष्णा और गुंटूर ज़िले ज़्यादा प्रभावित होंगे.

इसके बाद तटीय आंध्र प्रदेश के ज़िलों में 25 सेमी से ज़्यादा वर्षा होने की संभावना है.

स्थानीय पत्रकार धनंजय के अनुसार, "अभी विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी में वर्षा शुरू हो गई है. इन इलाकों में 55 से 60 किलोमीटर की रफ़्तार से हवाएं चल रही हैं. समुद्र में एक मीटर से ऊंची लहरें उठ रही हैं. इससे तटीय इलाक़ों में नुकसान हो रहा है."

उन्होंने बताया, "पूर्वी गोदावरी ज़िले के 18 मछुआरे जो मछली पकड़ने गए थे, लापता बताए जा रहे हैं. तट रक्षक बल और भारतीय नौ सेना के लोग उनकी तलाश कर रहे हैं."

इस तूफ़ान के कारण 24 नवंबर को विशाखापट्टनम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले दूसरे एक दिवसीय मैच पर भी असर पड़ सकता है.

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