'कश्मीर' में अल क़ायदा लड़ाकों की मौजूदगी का दावा

आसिया अंद्राबी
Image caption हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी भी पाकिस्तान में टीटीपी की कार्रवाइयों की निंदा कर चुके हैं

भारत प्रशासित कश्मीर के कट्टरपंथी संगठन दुख्तराने मिल्लत की प्रमुख नेता आसिया अंद्राबी ने दावा किया है कि अल कायदा से जुड़े चरमपंथियों का एक समूह कश्मीर पहुँच चुका है.

उनका कहना है कि यह समूह भारत के साथ-साथ पाकिस्तान में शरिया क़ानून लागू करने के लिए नए लोगों की भर्ती करना चाहता है.

आसिया ने बीबीसी को बताया, ''पहले मैंने उन्हें पत्रकार समझा, क्योंकि वे सऊदी गज़ट के लिए एक साक्षात्कार करना चाहते थे. लेकिन जब वे मिले तो उन्होंने बताया कि वे अल क़ायदा से हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वो पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) को भी संरक्षण देते हैं.''

टीटीपी के कथित सदस्यों के साथ गरमा-गरम बहस का ज़िक्र करते हुए आसिया ने कहा, ''वो पैगंबर मोहम्मद के एक कथन की दलील दे रहे थे जिसमें एक विशेष पवित्र युद्ध ग़ाजवा हिंद की भविष्यवाणी की गई है. इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान में जिहाद के लिए पुरुषों की भर्ती करने में मेरी मदद मांगी. मैंने उनसे असहमति जताई क्योंकि वे पैगंबर के कथन की ग़लत व्याख्या कर रहे थे. मैंने उन्हें फटकारते हुए बाहर निकल जाने को कहा, क्योंकि मेरा मानना है कि पाकिस्तान की ज़मीन पर लड़ना अवैध है.''

हिंसा की निंदा

स्थानीय ब्लॉगों में आसिया अंद्राबी का यह बयान सामने आने से राज्य की पुलिस हैरान थी.

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर राज्य के पुलिस प्रमुख एजी मीर ने बताया,''आसिया के दावों के संबंध में हमारे पास कोई खुफिया सूचना नहीं है. हम उनसे और विवरण मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.''

पुलिस प्रमुख ने टीटीपी चरमपंथियों की कश्मीर में मौज़दूगी के दावे के बाद किसी तरह का अलर्ट जारी किए जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

हालाँकि अपने दर्जनों नक़ाबपोश कार्यकर्ताओं के साथ एक इस्लामी आयोजन में हिस्सा लेने जा रही आसिया को गिरफ्तार कर लिया गया.

आसिया ने कहा, "हमें दिन भर हिरासत में रखा गया जबकि हम एक धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने जा रहे थे.''

पाकिस्तान में चरमपंथ के सवाल पर आसिया कहती हैं,''हो सकता है कि वहाँ टीटीपी के लड़ाकों में कुछ प्रतिबद्ध लोग हों. वो जिहाद के लिए भर्ती हुए होंगे. वो इस्लामी क़ानून चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान में टीटीपी की कार्रवाइयों के लिए इसराइल और भारतीय खुफिया एजेंसियां बड़े पैमाने पर आर्थिक मदद देती हैं.''

पाकिस्तान में हिंसक घटनाएं बढ़ने के बाद कश्मीर में होने वाली हिंसा में बहुत अधिक कमी आई है. कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने भी पाकिस्तान में हो रही हिंसा की निंदा की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार