महिला की 'जासूसी' मामले में जाँच आयोग का गठन

नरेंद्र मोदी और अमित शाह

एक महिला की कथित जासूसी को लेकर आरोपों का सामना कर रही गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए दो सदस्यीय जाँच आयोग का गठन किया है. आयोग की अध्यक्षता अहमदाबाद हाई कोर्ट की एक रिटायर्ड महिला जज करेंगी.

गुजरात हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज सुगन्याबेन के भट्ट के अलावा इस आयोग में राज्य के अवकाश प्राप्त अतिरिक्त मुख्य सचिव केसी कपूर भी होंगे. इस आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.

गुजरात के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "हमने एक आयोग का गठन किया है, जो एक महिला को कथित रूप से सुरक्षा प्रदान किए जाने के मामले की जाँच करेगा."

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस ने इस मामले पर सीबीआई जाँच की मांग की है और भारतीय जनता पार्टी से ये भी कहा है कि वो उनकी उम्मीदवारी पर फिर से विचार करे.

आरोप

निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने भी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाए हैं कि उनके आदेश पर ही उस महिला के फ़ोन टैप किए जा रहे थे.

गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर महिला की जासूसी प्रकरण के मामले में सीबीआई जाँच की भी माँग की है.

वेबसाइट कोबरा पोस्ट और गुलेल डॉट कॉम की ओर से जारी किए गए एक ऑडियो में गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह कथित तौर पर गुजरात के आईपीएस अधिकारी गिरीश सिंघल को एक महिला की जासूसी के लिए कह रहे हैं. इसी बातचीत में प्रदीप शर्मा का का ज़िक्र भी है.

गुजरात सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है- मामले के सारे पहलुओं पर विचार करने के बाद राज्य सरकार ने यह फ़ैसला किया है कि व्यापक जनहित में इस मामले की जाँच की जाए ताकि सत्य सामने आ सके. इसलिए सरकार ने जाँच आयोग अधिनियम 1952 के तहत दो सदस्यीय जाँच आयोग का गठन किया है और रिपोर्ट देने को कहा है.

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