हिट एंड रन केस: सलमान ख़ान को राहत

सलमान ख़ान

बॉलीवुड एक्टर सलमान ख़ान पर चल रहे हिट एंड रन मामले की फिर से सुनवाई होगी.

ये फ़ैसला गुरुवार को मुंबई की एक अदालत ने दिया. फ़ैसले में न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे ने कहा कि सभी गवाहों से फिर से पूछताछ और जिरह की जाए और मामला फास्ट ट्रैक अदालत में सुना जाएगा.

सलमान ख़ान ने पिछले महीने ही अदालत में ये अर्ज़ी दी थी कि साल 2002 का केस एक बार फिर से नए सिरे से शुरू किया जाए क्योंकि अब उन पर धारा 304 के तहत ग़ैर-इरादतन हत्या का आरोप लगा है और इसलिए गवाहों से फिर से पूछताछ होनी चाहिए.

'गंभीर आरोप'

सलमान का कहना था कि उन पर पहले 'लापरवाही की वजह से हत्या' के आरोप में मुक़दमा चल रहा था लेकिन अब 'ग़ैर-इरादतन हत्या' जैसे गंभीर आरोप के चलते पुरानी गवाही को नज़र अंदाज़ करना चाहिए.

अगर आरोप सिद्ध हो जाता है, तो सलमान को दस साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गुरुवार को अदालत में जज ने दोनों पक्षों से 23 दिसंबर तक अपने गवाहों की सूची देने को कहा जिसके बाद सुनवाई की तारीख़ तय की जाएगी.

उधर सरकारी वकील आभा सिंह का आरोप है, "साल 2002 से अब तक चल रहे इस केस को दस साल हो गए हैं और अब जब सलमान का करियर भी ऊंचाई पर है तो उन्हें एक और मौक़ा मिल गया है इस केस को और ज़्यादा खींचने का. उन्हें और दस साल मिल गए ऐक्टिंग और फ़िल्मों के लिए क्योंकि अब ये मामला फिर से शुरू होने जा रहा है जिसके चलते शुरू से जाँच की जाएगी."

मामला

सलमान ख़ान पर आरोप है कि साल 2002 में उनकी गाड़ी के नीचे आकर फुटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी लेकिन सलमान हमेशा ही इस आरोप से इनकार करते रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक 28 सितंबर 2002 को देर रात मुंबई के बांद्रा इलाके में सलमान ख़ान की गाड़ी अमरीकन एक्सप्रेस बेकरी में घुस गई. उस वक्त वहां फुटपाथ पर पांच लोग सो रहे थे जिनमें से 38 साल के नूर उल्लाह ख़ान की मृत्यु हो गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. एक अन्य व्यक्ति को मामूली चोट आई.

सलमान पर शुरुआत में ग़ैर-इरादतन हत्या का आरोप लगा लेकिन उन्होंने इसे अदालत में चुनौती दी जिसके बाद आरोप घट कर 'लापरवाही की वजह से हत्या' में तब्दील हो गया. दूसरे आरोप में दो साल की जेल की सज़ा का प्रावधान था.

लेकिन मार्च 2011 में अभियोजन पक्ष ने ग़ैर-इरादतन हत्या का आरोप दोबारा लगाने की मांग की. इस साल फरवरी में अदालत ने आदेश दिया कि सलमान पर ग़ैर-इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा चलना चाहिए, जिसके बाद जुलाई में उन पर ये आरोप लगाया गया.

नवंबर 2013 में सलमान ने फिर से सुनवाई की अर्ज़ी डाली, जिसके पक्ष में गुरुवार को मुंबई की एक अदालत ने फ़ैसला दिया.

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