बलात्कार विरोधी कानून पर पुनर्विचार ज़रूरी?

पिछले साल निर्भया बलात्कार कांड के बाद लागू किए गए नए यौन शोषण विरोधी कानून लागू होने के बाद आसाराम बापू, तरुण तेजपाल और अब जस्टिस गांगुली कटघरे में खड़े हैं.

तरुण तेजपाल के वकीलों ने भी इस कानून को बेहद सख़्त कहा है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि "अब महिला सेक्रेटरी भी नहीं रखूंगा और महिलाओं से बात करते डर लगता है" हालांकि उन्होंने बाद में इस बयान के लिए माफ़ी भी मांगी. क्या इस नए कानून पर पुनर्विचार की ज़रुरत है. बीबीसी इंडिया बोल में इस शनिवार 7 दिसंबर भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे इसी विषय पर होगी चर्चा.

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