अख़बारों में छाई 'आप' और भाजपा की जीत

  • 9 दिसंबर 2013
दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अख़बार

नई दिल्ली से प्रकाशित होने वाले ज़्यादातर अख़बार दिल्ली सहित चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनावी राजनीति के सबसे नए खिलाड़ी आम आदमी पार्टी के दिल्ली में प्रदर्शन से संबंधित ख़बरों से पटे पड़े हैं.

ज़्यादातर अख़बारों ने अपने पहले पन्ने पर विधानसभा चुनाव के नतीजों से संबंधित ख़बरें ही प्रकाशित की हैं. कई अख़बारों ने फ़ोटो और ग्राफ़िक्स के ज़रिए विधानसभा चुनाव के परिणाम को समझाने का प्रयास किया है.

नवभारत टाइम्स की सुर्ख़ी है, 'तीन राज्यों में बीजेपी की जीत, लेकिन राजधानी में बहुमत पर झाड़ू फेरी केजरीवाल ने.' अख़बार ने दिल्ली में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति को देखते बुए एक बार फिर चुनाव की आशंका जताई है.

भाजपा की जीत, कांग्रेस की हार

हिंदी अख़बार अमर उजाला की हेडिंग है, 'कांग्रेस चित, भाजपा का परचम'. अख़बार लिखता है, सियासी सेमीफ़ाइनल माने जा रहे चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा का ज़बरदस्त परचम फहरा है, जबकि कांग्रेस चारों खाने चित हो गई है.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर अमर उजाला ने लिखा है, 'आप की अद्भुत जीत'. अख़बार ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की आशंका जताई है.

दिल्ली विधानसभा के चुनाव को ख़ास महत्व देते हुए दैनिक भास्कर लिखता है, 'आप ने रोका भगवा रथ.'

'दैनिक जागरण' का शीर्षक है, 'कांग्रेस पर चला झाड़ू'. दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों को अख़बार ने आश्चर्यजनक बताया है.

अख़बार लिखता है कि केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की जादुई झाड़ू ने दिल्ली में भाजपा की आंधी को थाम लिया. एक ख़बर में 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल को राजनीति का नया नायक बताया गया है.

वहीं 'नई दुनिया' की सुर्ख़ी है, ' भाजपा सबसे बड़ी पार्टी'.

अखबार ने 'आम आदमी का हाथ कांग्रेस के ख़िलाफ़' शीर्षक से लिखे अपने विशेष संपादकीय में लिखा है, 'प्राप्त चुनाव परिणामों को चारों राज्यों की जनता का कांग्रेस के भ्रष्टाचार और उसका उसके अतिरंजित अहंकार के साथ बचाव करने के प्रति व्यक्त हुआ आक्रोश माना जाना चाहिए.'

जनसत्ता की सुर्ख़ी है, 'कांग्रेस साफ़, भाजपा खिली, आगे आप'.

अख़बार लिखता है कि अगले लोकसभा चुनाव का सेमीफ़ाइनल समझे जा रहे चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस का घमंड चूर-चूर कर दिया है. जो कांग्रेस अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के वजूद को स्वीकार करने को तैयार नहीं थी, वही आप कांग्रेस को निगल गई.

केजरीवाल की झाड़ू

हिंदी के एक और अख़बार हिंदुस्तान की हेडिंग है, 'केजरीवाल ने झाड़ू फिराई'. अख़बार ने झाड़ू लिए आप कार्यकर्ताओं की फ़ोटो प्रकाशित की है.

कुछ ऐसा ही हाल अंग्रेजी के अख़बारों का है, 'इंडियन एक्सप्रेस' की हेडिंग है, 'एंटी कांग्रेस वेव' यानी की कांग्रेस विरोधी लहर.

अख़बार लिखता है कि इन चुनावों से भाजपा को 2014 के लोकसभा चुनाव पर अपनी पकड़ मज़बूत होती दिख रही है, वहीं विधानसभा चुनाव के परिणामों से विचलित कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि पार्टी प्रधानमंत्री पद का दावेदार चुनेगी.

वहीं 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने शीर्षक लगाया है, 'बीजेपी विनर, कांग्रेस ज़ीरो, आप हीरो'. इस अख़बार ने दिल्ली में त्रिशंकु विधानसभा को देखते हुए एक बार और विधानसभा चुनाव की आशंका जताई है.

'द हिंदू' की सुर्ख़ी है, कांग्रेस स्कॉर्च्ड बाई बीजेपीज मैसिव विन, यानी की भाजपा की बड़ी जीत से कांग्रेस झुलसी.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर का शीर्षक है, 'देल्ही ब्रूम, बीजेपीज स्वीप' यानी की दिल्ली में झाड़ू और भाजपा ने की सफ़ाई.

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