भाजपा की कोई लहर नहीं: नीतीश कुमार

  • 9 दिसंबर 2013
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विरोधी लहर थी.

साथ ही उन्होंने मोदी लहर की बात को यह कहकर खारिज कर दिया कि दिल्ली में भाजपा को बहुमत न मिलने से जाहिर है कि मोदी इन चुनावों में फैक्टर नहीं रहे.

नीतीश ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं है कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेसी विरोधी लहर रही लेकिन इसमें भाजपा के लिए खुश होने की कोई वजह नहीं."

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "भाजपा के पक्ष में कोई हवा नहीं थी. इन परिणामों से साफ है कि लोकसभा चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन दयनीय रहेगा."

नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करके जो जुआ खेला उसने उसे डुबो दिया है. दिल्ली का चुनाव उसके लिए एक परीक्षा थे."

रविवार को आए नतीजों के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता हासिल की है जबकि दिल्ली में वो सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है.

जनता का संदेश

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) ने लगभग छह महीने पहले उस समय भाजपा से अपना 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था, जब जून में नरेंद्र मोदी को आम चुनावों के लिए भाजपा की प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया था.

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा के लिए जनता का संदेश साफ है. दिल्ली के परिणाम इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को बड़ा धक्का लगने वाला है."

नीतीश के अनुसार दिल्ली में बिखरी हुई कांग्रेस के ख़िलाफ़ भाजपा जब दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सकती थी, तब वो बहुमत भी नहीं पा सकी.

आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर नीतीश ने कहा कि जहां कहीं भी कांग्रेस विरोधी लहर है और कोई ग़ैर-भाजपा विकल्प उपलब्ध है, वहाँ जनता भाजपा को नहीं चुनेगी.

आम आदमी पार्टी को बधाई देते हुए नीतीश ने कहा, "इसे भ्रष्टाचार विरोधी गांधीवादी अन्ना हज़ारे के आंदोलन का फल मिला है."

बिहार में कांग्रेस

Image caption गठबंधन टूटने के बाद मोदी पटना में बड़ी रैली कर चुके हैं

जब नीतीश कुमार से पूछा गया कि क्या आम चुनाव के दौरान इन परिमाणों का असर बिहार पर भी कुछ होगा, तो उन्होंने कहा, "बिहार में कांग्रेस को कोई भूमिका नहीं है. इसलिए यहां इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, इसलिए बीजेपी के पास यहां खुश होने की कोई वजह नहीं है."

दिल्ली विधानसभा चुनावों में जेडीयू के ख़राब प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, "हमने केवल एक प्रयास किया था. हम दिल्ली में कभी भी मजबूत दावेदार नहीं थे."

जेडीयू ने दिल्ली की कुल 70 सीटों में से 27 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे जिनमें से केवल एक प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल रहा.

तीसरे मोर्चे की संभावना को लेकर दूसरे दलों के नेताओं से होने वाली किसी संभावित बातचीत के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा, "मैं केवल जनता के संपर्क में हूँ, किसी और के नहीं."

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