नीतीश को शिंदे की चिट्ठी, पार्टी सांसद भड़के

भारतीय संसद

माओवाद की समस्या से निपटने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखि चिट्ठी को अपमानजनक बताते हुए जनता दल यूनाइटेड के सदस्यों ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया.

शिंदे ने बिहार सरकार पर माओवादी गतिविधियों से निपटने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि नीतीश कुमार की सरकार में माओवादी गतिविधियां बिल्कुल ही कम नहीं हो रही हैं.

जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्यों ने लोकसभा और राज्य सभा में नारेबाज़ी की और अध्यक्ष के आसन के सामने चले गए. वो अपमानजनक चिट्ठी लिखने को लेकर गृह मंत्री से माफी मांगने की मांग कर रहे थे.

माफ़ी मांगे गृह मंत्री

समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ इस दौरान पार्टी के कुछ सदस्य यह कहते हुए भी सुने गए कि गृह मंत्री को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए.

राज्य सभा में जनता दल (यूनाइटेड ) के साबिर अली विरोध करते हुए सभापति के आसन के सामने चले गए. वहीं पार्टी के एक दूसरे सदस्य शिवानंद तिवारी अपनी जगह से ही विरोध जताते रहे.

केंद्रीय गृह मंत्री ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि राज्य में स्थिति ख़तरनाक़ होती जा रही है. राज्य की पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय नहीं रह गया है.

उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि वो अन्य राज्यों में सफल आंतकवाद विरोधी मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें अपने यहां लागू करें.

नीतीश को लिखि चिट्ठी में शिंदे ने कहा है, ''हम देख रहे हैं कि राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड के साथ समन्वय एकदम ख़त्म हो गया है.''

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में माओवादियों ने बिहार में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है. अभी इसी महीने के तीन तारीख़ को औरंगाबाद ज़िले में बारूदी सुरंग में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.

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