चुनावों में हार का लोकपाल से लेना देना नहीं: राहुल गांधी

  • 14 दिसंबर 2013
राहुल गांधी
Image caption चार राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी लोकपाल बिल पर प्रतिबद्ध है और इसे पारित करने के लिए सब पार्टियों का साथ चाहिए.

उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का लोकपाल बिल से कोई संबंध नहीं है.

सरकार ने लोकपाल बिल शुक्रवार को राज्यसभा में पेश किया जिस पर सोमवार को चर्चा होनी है. लोकसभा में इसे पहले ही पारित किया जा चुका है.

निचले सदन में पारित होने के बाद बिल को प्रवर समिति के पास भेजा गया था जिसने इसमें कुछ संशोधनों की सिफ़ारिश की थी.

लोकपाल विधेयक को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार की सहमति बन गई है लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी इसका विरोध कर रही है.

भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा है कि वो चाहते हैं कि सोमवार को लोकपाल बिल पर चर्चा हो और उसी दिन इसे पारित कर दिया जाए.

'मज़बूत लोकपाल'

राहुल गांधी ने कहा, "लोकपाल कानून पर चर्चा काफी समय से चल रही है. ये मजबूत बिल है और इसमें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पारदर्शी तरीके से ध्यान दिया गया है. "

उन्होंने कहा कि 'अगर सब पार्टियों का समर्थन मिला तो हम इसे पारित करेंगे'. उन्होंने कहा कि ये राष्ट्रीय हित का मुद्दा है.

एक सवाल के जवाब नें राहुल गांधी ने कहा कि संसद में लोकपाल विधेयक को पेश करने का हाल के विधानसभा चुनावों के नतीजों से कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है.

लोकपाल पर राहुल गांधी का ये बयान ऐसे समय में आया है जब जनलोकपाल की मांग को लेकर समाजसेवी अन्ना हज़ारे अनशन पर बैठे हैं.

अन्ना हजारे के अनशन के बारे में राहुल गांधी ने कहा, "अन्ना जी अनशन पर हैं. ये उनका नज़रिया है. जहां तक हमारा काम है तो हमें इस देश को एक मजबूत लोकपाल देना है."

राहुल के मुताबिक, "कांग्रेस पार्टी इसका पूरा समर्थन करेगी. बाकी पार्टियों से हम इसका समर्थन करने को कहते हैं."

'सीबीआई लोकपाल के अधीन'

इससे पहले वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि ये एक प्रभावी लोकपाल है और लोकपाल के तहत की जाने वाली जांच से सरकार का कोई लेना-देना नहीं होगा.

Image caption अन्ना हज़ारे मजबूत जनलोकपाल के लिए अनशन पर बैठे हैं

उन्होंने कहा कि राज्य सभा की प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) ने लोकपाल का जो मसौदा तैयार किया था, सरकार ने उसमें केवल दो या तीन बदलाव ही किए हैं.

उन्होंने कहा कि इस लोकपाल में सरकार, "अभियोजन पक्ष और जांच एजेंसी के हितों को साधा गया है. हम सोचते हैं कि इस विधेयक को पारित होना चाहिए. इस विधेयक के जरिए एक मजबूत लोकपाल आएगा."

इस विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी के विरोध के बारे में एक सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि “एक या दो दल इस विधेयक के कुछ प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं. कोई पार्टी ये नहीं कह रही है कि हमें लोकपाल नहीं चाहिए. मैं उनसे कहना चाहूंगा कि देश हित में इस विधेयक के साथ आएं.”

कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकपाल विधेयक में साफ किया गया है कि सीबीआई उसके साथ मिलकर किस तरह काम करेगी, लेकिन सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति लोकपाल के जरिए नहीं की जाएगी. उसकी अलग प्रक्रिया है और उसे ही जारी रखा जाएगा.

सिब्बल ने कहा, "सीबीआई लोकपाल के अधीन काम करेगी."

(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार