टेस्ट सिरीज़ में वापसी कर पाएगी टीम इंडिया?

  • 18 दिसंबर 2013

अपनी ही ज़मीन पर लगातार मिलती जीत से अपने रिकार्ड पर इतराने वाली भारतीय क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका में तीन एकदिवसिय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ 2-0 से हारने के बाद अब बुधवार से दो टेस्ट मैचों की संक्षिप्त सिरीज़ में मेज़बान से दो-दो हाथ करने के लिये तैयार है.

जोहानिसबर्ग के वांडर्रस मैदान में भारतीय टीम पिछली हार की कड़वी यादों को भुलाकर कुछ चुनौती दक्षिण अफ्रीका को देना चाहेगी. दक्षिण अफ्रीका दौरा भारत के लिए कितना कठिन रहा है इसके लिए पुराने रिकार्ड पर बस एक नज़र डालना काफी हैं.

भारत ने दक्षिण अफ्रीका में अभी तक 15 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उसे केवल दो मैच में जीत नसीब हुई हैं जबकि सात में उसे हार का सामना करना पडा हैं. भारत को आज भी दक्षिण अफ्रीका में पहली टेस्ट सिरीज़ जीत का इंतज़ार हैं.

अभ्यास का मौका नहीं

शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, रविंद्र जडेजा, युवराज सिंह जैसे जाने- माने बल्लेबाज़ एकदिवसीय सिरीज़ में नौसिखिये साबित हुए. रही सही कसर भारतीय गेंदबाज़ो ने पूरी कर दी. उस पर मौसम की मार ऐसी पडी कि भारत टेस्ट सिरीज़ से पहले दो दिवसीय अभ्यास मैच भी नहीं खेल सका.

मैच बारिश की भेंट चढ गया और टेस्ट टीम नें नज़र आने वाले सबसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान, भरोसेमंद बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा और सलामी बल्लेबाज़ मुरली विजय बस ड्रेसिंग रूम में बैठे रह गए.

भारतीय क्रिकेट टीम के गिरते मनोबल को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका के कोच रसेल डोमिंगो बेहद खुश हैं. टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से पहले उन्होंने भारतीय टीम को चेतावनी देने के अंदाज़ में कहा कि इस बार टीम इंडिया के ड्रैसिंग रूम में सचिन तेंदुलकर नही होंगे जिससे दक्षिण अफ्रीकी टीम की राह आसान हो जाएगी.

ऐसा उन्होंने बेहद सोच समझकर कहा क्योंकि पिछले दिनों क्रिकेट को अलविदा कहने वाले सचिन ने साल 2010-11 के दौरे पर खेले गए तीन टेस्ट मैचों में दो शतक जमाए थे.

अफ़्रीका मैदान में मुश्किल

इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि तेज़ गेंदबाज़ी दक्षिण अफ़्रीका की जान हैं यानि टेस्ट सिरीज़ में भारतीय बल्लेबाज़ों को कोई राहत नहीं मिलने वाली. इसके अलावा उनका यह भी कहना हैं कि उनकी टीम में सात बल्लेबाज़ खिलाने की रणनीति कामयाब रही है जिसे वह बरक़रार रखेंगे.

अब बात जोहानिसबर्ग की जहां भारत और दक्षिण अफ्रीका अभी तक तीन बार आमने-सामने हुए हैं. वहां भारत ने दो टेस्ट मैच ड्रा खेले हैं तो एक टेस्ट मैच जीता हैं. भारत ने साल 2006-07 की सिरीज़ में दक्षिण अफ्रीका को जोहानिसबर्ग में 123 रनों से मात दी थी.

भारत चाहे तो उस जीत की सुनहरी यादों के साथ मैदान में उतर सकता हैं. तब भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ एस. श्रीसंथ मैन ऑफ द मैच रहे थे और उन्होने पहली पारी में 40 रन देकर 5 और दूसरी पारी में 59 रन देकर 3 विकेट लेकर अफ़्रीकी बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी थी.

अगर भारत के पिछले दौरे साल 2010-11 की बात की जाए जहां तीन मैचों की सिरीज़ 1-1 से बराबरी पर रही थी, उस टीम के मुक़ाबले वर्तमान भारतीय टीम अनुभवहीन ही कही जाएगी.

तब टीम में वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी के अलावा बल्लेबाज़ी में दुनिया की सबसे बेहतरीन तिकड़ी सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण भी थे. हरभजन सिंह और ज़हीर खान के साथ इशांत शर्मा और श्रीसंथ थे.

गेंदबाज़ी सबसे बड़ी कमजोरी

अब अनुभवी खिलाडियों के नाम पर टीम में कप्तान धोनी, पुजारा, इशांत शर्मा और ज़हीर खान हैं ऐसे में टेस्ट सिरीज़ में भी भारत की मुश्किलें आसान होती नज़र नहीं आ रहीं.

अब अगर भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के मनोबल की बात की जाए तो पिछले कुछ मैचों में सबसे महंगे गेंदबाज़ बनकर सबकी आंखो की किरकिरी बनने वाले तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा का कहना है कि मैंने टीम से बाहर होने के बाद काफी अभ्यास किया हैं और पुरानी ग़लतियों से सबक़ लिया है.

भारतीय बल्लेबाज़ी की नई उम्मीद चेतेश्वर पुजारा का मानना हैं कि दक्षिण अफ्रीका में पहले खेलने का उनका अनुभव टीम के काम आएगा. चेतेश्वर पुजारा का यह भी कहना हैं कि टीम को एक कड़ी के रूप में खेलना होगा.

स्पिन का भार अपने कंधो पर उठाने वाले आर अश्विन का मानना है कि ज़हीर खान टीम में सबसे अनुभवी गेंदबाज़ होने के कारण एक लीडर का काम करेंगे. भारतीय टीम परिणाम की चिंता को छोडकर अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतरेगी.

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