केजरीवाल: 15 दिन में जनलोकपाल पास करके दिखाउंगा

अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे अरविंद केजरीवाल ने भरोसा जताया है कि वह 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल पारित करवाने में क़ामयाब हो जाएँगे.

साथ ही पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह में उपराज्यपाल से तीन लोगों को विशेष न्यौता भेजने का अनुरोध किया है.

पार्टी के वरिष्ठ सदस्य कुमार विश्वास ने बताया, "तीन वरिष्ठ साथी जिनका मार्गदर्शन और सहयोग राजनीतिक आंदोलन के साथ रहा है उन्हें ही बुलाया गया है. हमने अन्ना हज़ारे, किरण बेदी और संतोष हेगड़ों को आमंत्रित करने का अनुरोध किया है."

शपथ ग्रहण समारोह के लिए उपराज्यपाल अधिकारिक न्यौता भेजते हैं. पार्टी नेता कुमार विश्वास के मुताबिक पार्टी ने तीन लोगों को न्यौता भेजने का आग्रह उपराज्यपाल से किया है.

केजरीवाल 28 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वह कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली में सरकार बना रहे हैं.

इधर अरविंद केजरीवाल ने शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए आम लोगों से अपील करते हुए कहा, "28 दिसंबर को 12 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा. मैं सभी दिल्लीवासियों से शामिल होने की अपील करता हूँ. यह मेरी जीत नहीं है. यह उन सबकी जीत है. सिर्फ़ मैं सरकार नहीं बना रहा हूँ, दिल्ली के लोग सरकार बना रहे हैं. यह आप सबका समारोह हैं. आप लोग अगस्त 2011 में रामलीला मैदान में आए थे. एक बार फिर एक साथ रामलीला मैदान आएँ. हम भ्रष्टाचार मुक्त भारत का अपना सपना साकार करके रहेंगे."

भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा

क्या सत्ता में आते ही अरविंद केजरीवाल गुज़री सरकार के नेताओं के ख़िलाफ़ जाँच बिठा देंगे. इस सवाल पर केजरीवाल ने कहा, "हम देखेंगे. ज़ाहिर है भ्रष्टाचार हमारे लिए सबसे बड़ा मुद्दा रहा है. सरकार बनाने के बाद देखेंगे."

नए नियम लागू करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लिए जाने की बाध्यता से संबंधित सवाल पर केजरीवाल ने कहा, "2002 में कार्य के संचालन के नियमों को बदलकर यह जोड़ दिया गया था कि राज्य सरकार कोई भी क़ानून लाने के बाद उसकी इजाज़त केंद्र सरकार से लेगी. यह बिलकुल ग़लत है. ऐसा तो अंग्रेज़ों के समय में होता था जब भारत सरकार कोई भी क़ानून लागू करने से पहले लंदन से अनुमति लेती थी. लेकिन अब हम आज़ाद हो गए हैं. यह बिलकुल ग़लत है."

सरकार बनाने के पंद्रह दिन के भीतर जनलोकपाल पास करने की चुनौती पर केजरीवाल ने कहा, "सारी अड़चनें दूर करेंगे, ऐसे ही चुप नहीं बैठेंगे. पंद्रह दिन में जनलोकपाल पारित करके दिखाएंगे."

जनलोकपाल के रास्ते में आने वाले संवैधानिक संकट के सवाल पर केजरीवाल ने कहा, "हम संकट दूर कर लेंगे और जनलोकपाल पास करके दिखाएंगे."

जनता से किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती पर केजरीवाल ने कहा, "जिस रास्ते पर हम चले हैं उसमें अड़चने आएंगी लेकिन हम सभी अड़चनों को दूर कर लेंगे."

Image caption केजरीवाल 28 दिसंबर को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद अरविंद केजरीवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने की ही होगी.

हम भी देखेंगे

इधर दिल्ली कांग्रेस के नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा है, "भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ना हर मुख्यमंत्री और मंत्री की ज़िम्मेदारी होती है."

लवली के मुताबिक़, "जब मुख्यमंत्री शपथ लेते हैं तो भ्रष्टाचार से लड़ने की शपथ भी लेते हैं. लेकिन यदि उनका कोई क़दम दुर्भावना से प्रेरित हुआ तो उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएंगे. जहाँ तक भ्रष्टाचार से लड़ने की बात है तो यह मुख्यमंत्री और मंत्री की प्रमुख ज़िम्मेदारी होती है और ज़रूरी नहीं है कि इसे चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल ही किया जाए."

वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल को अपने वादे पूरा करने के लिए कम से कम तीन महीने का समय तो मिलना ही चाहिए.

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