फ़ारूक़ के निधन पर रो पड़ीं दीप्ति नवल

  • 28 दिसंबर 2013
दिप्ती नवल और फ़ारुख़ शेख़

फ़ारूक़ शेख के साथ कई फ़िल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री दीप्ति नवल उन्हें याद करते हुए रो पड़ीं. जब उनके निधन की ख़बर आई, तो दीप्ति नवल मुंबई में नहीं थीं. उन्होंने बताया कि उन्हें यह ख़बर शबाना आज़मी ने दी. बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि अब इस ख़बर के बाद वह नहीं रुक सकतीं और वे तुरंत मुंबई लौट रही हैं.

फ़ारूक़ शेख के निधन को दीप्ति नवल ने झिंझोड़कर रख देने वाली घटना बताया.

बीबीसी से बातचीत में दीप्ति कहती हैं,''मेरी पहचान चश्मे बद्दूर से ही है, जिस फ़िल्म में मैंने फ़ारूक़ के साथ काम किया था. वह आखिरी फ़िल्म तक मेरी खिंचाई करते रहे. मुझे आज भी लगता है कि मैं आज भी चश्मे बद्दूर की नेहा राजन और वह सिद्धार्थ पाराशर हैं. हम दोनों ने अपने करियर में एक साथ सात-आठ फ़िल्में कीं. पर मुझे नहीं लगता था कि हमें इस उम्र में एकसाथ काम करने के लिए कोई फ़िल्म देगा. इसलिए जब 'लिसन अमाया' हमारे खाते में आई तो यह एक तोहफ़े की तरह थी.''

लिसन अमाया में फ़ारूक़ शेख ने दीप्ति नवल के दोस्त का किरदार निभाया है.

'कहा था-अगली फ़िल्म में काम करेंगे'

उन्होंने कहा, ''मैंने इतना महीन और संवेदनशील अभिनेता नहीं देखा. वह बेहद नेचुरल थे. मैं और फ़ारूक़ बच्चों की तरह लड़ा करते थे.''

फ़ारूक़ शेख के साथ कई फ़िल्मों में बेहतरीन अदाकारी का नमूना पेश कर चुकीं दीप्ति कहती हैं, ''फ़ारूक़ मुझसे हमेशा कहा करते थे कि दीप्ति तुम्हें कभी तुम्हारा ड्यू नहीं मिला. जब मैंने उन्हें बताया कि मैंने कुछ कहानियां लिखी हैं और उन पर फ़िल्म बनाना चाहती हूँ. तो इस पर उन्होंने मुझसे कहा था कि तुरंत फ़िल्मों को बना दो, किसी का इंतज़ार मत करो.''

दीप्ति नवल ने एक फ़िल्म का निर्देशन किया था. उसमें उन्होंने फ़ारूक़ के लिए एक भूमिका भी रखी थी.

दीप्ति नवल ने बताया, ''मगर फ़ारूक़ ने वह रोल नहीं किया. उन्होंने कहा था कि वह मेरी अगली फ़िल्म में काम करेंगे. मगर अब तो सब कुछ ख़त्म ही हो गया है.''

लिसन अमाया फ़िल्म में दीप्ति और फ़ारूक़ ने दोस्तों के किरदार निभाए हैं, जो पड़ोस में रहते हैं.

दीप्ति नवल और फ़ारूक़ शेख को साथ लेकर फ़िल्म निर्देशन कर रहे 'लिसन अमाया' के निर्देशक अविनाश सिंह कहते हैं, ''वह एक्टर नहीं परफ़ॉर्मर थे. जबसे मैं पैदा हुआ हूं, तबसे मैंने किसी को नहीं देखा, जो इतना कुदरती अभिनय कर सकता हो. फ़िल्म की शूटिंग के दौरान वह हमेशा पांच मिनट पहले आ जाते थे. वह जब रोज़े रखते थे तो अपने साथियों का भी ख़्याल रखते थे. यहां तक कि एक साउंड इंडीनियर के साथ वह रोज़ा तोड़ते थे, तो उनके लिए भी फल और खजूर लाते थे.''

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