झारखंड: मोदी की रैली में लोगों को बुलावा उर्दू में

  • 29 दिसंबर 2013
नरेंद्र मोदी पटना रैली

उर्दू में छपे निमंत्रण पत्र देते हुए भाजपा के नेताओं ने उन्हें गले लगाया तो मुंतकीम अंसारी और उनकी पत्नी नसीमा खातून ने कहा, "दिल के बोझ हलके हुए, पूरा गांव चाहता है कि फिर कोई दाग न लगे."

सीठियो के लोगों को यह उम्मीद नहीं थी कि नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने के लिए उन्हें बाकायदा निमंत्रण पत्र देकर बुलाया जाएगा.

गांव के तस्सवुर अंसारी कहते हैं, "राजनीति ही सही, हमें इस लायक तो समझा. अच्छा हो कि इसी रैली के बहाने सीठियो का दाग मिट जाए. तीन- चार लड़कों के कारण गांव क्यों बदनामी झेले."

झारखंड की राजधानी रांची में 29 दिसंबर को नरेंद्र मोदी की रैली है. जिस मैदान में रैली की तैयारी चल रही है, वह सीठियो गांव से महज चार किलोमीटर दूर है. लिहाजा इस रैली पर सबकी नजर है.

सत्ताइस अक्तूबर को पटना में मोदी की रैली के ठीक पहले हुए बम धमाकों के चार संदिग्ध इसी गांव के रहने वाले हैं.

चार संदिग्धों में एक इम्तियाज अंसारी पकड़े गए हैं. दो संदिग्ध तौफीक व नुमान फरार हैं, जबकि तारिक की मौत हो चुकी है. उनके घर वालों ने शव लेने से मना भी कर दिया था.

'सब पर शक ठीक नहीं'

सीठियो के ग्राम प्रधान शंकर कच्छप बताते हैं कि गांव की जिंदगी तेजी से सामान्य हो रही है.

वह चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी की रैली में सीठियो के लोग भी शामिल हों. इसके लिए उन्होंने गांव के लोगों से बात भी की है.

इस सवाल पर, कि क्या मुस्लिम भी रैली में जाना चाहते हैं, वह कहते हैं, "इसी गांव के रहने वाले मुजाहिद अंसारी भाजपा के कार्यकर्ता हैं. गांव के लोगों को रैली में ले जाने के लिए वेलोग सबसे मिल रहे हैं."

तीन दिन पहले भाजपा के नेता, कार्यकर्ताओं ने सीठियो गांव में सभा की थी. लोगों के बीच निमंत्रण पत्र बांटे.

मुजाहिद कहते हैं गांव के लोगों ने इस कार्यक्रम का विरोध नहीं किया. हां इतना ज़रूर कि कांग्रेस समर्थकों को भाजपा नेताओं का गांव आना नागवार गुज़रा.

रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह कहते है, "दो-चार लोगों की ग़लती के कारण पूरे गांव को शक के घेरे में लाना ठीक नहीं."

"पटना धमाके के मामले में कानून अपना काम कर रहा है. हमने तो मुख्य संदिग्ध इम्तियाज के पिता कलीमुद्दीन अंसारी से भी मिलकर उन्हें रैली में आने का न्योता दिया है."

कलीमुद्दीन अंसारी से हम उनके घर पर मिले. पूछा, "रैली में जाएंगे?"

वो बोले, "रैली–जुलूस में पहले भी शामिल नहीं हुए. यहां भी नहीं जाएंगे, लेकिन कोई गड़बड़ी न हो, यह ज़रूर चाहते हैं."

भाजपा ने सीठियो में निमंत्रण पत्र बांटने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोरचा के अध्यक्ष काजिम कहते हैं, "रैली के मद्देनजर सौ से अधिक अल्पसंख्यक बस्तियों, मोहल्लों में उर्दू में छपे निमंत्रण बांटे गए हैं. सीठियो भी इनमें शामिल है."

'संशय में युवा'

सीठियो गांव की जिंदगी सामान्य हो रही है. लोग खेत- खलिहानों में व्यस्त दिखते हैं.

अब्दुल खालिक दो महीने की छुट्टी लेकर गांव आए हैं. वह पैरामिलिट्री में हैं और नागालैंड में तैनात हैं. खालिक बताते हैं कि धान की फसल काटे जाने से चावल तैयार करने तक वह यहां रहेंगे.

खालिक कहते हैं कि उन्होंने रेडियो व अखबारों में सुना-पढ़ा था कि सीठियो गांव के कुछ लड़कों का नाम संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हुआ है. इससे उन्हें बड़ी तकलीफ हुई थी.

मोदी की रैली में जाने के सवाल पर वह कहते हैं, "खेत-खलिहान से फुर्सत कहां. लेकिन अमन-चैन बना रहे, यही चाहते हैं."

गांव के सदर अली हसन कहते है, "आठ सौ से अधिक मुसलिम– आदिवासी परिवारों वाले सीठियो गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी. बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. काश इन समस्याओं को लेकर यह गांव चर्चा में आता."

"लेकिन संदिग्ध गतिविधियों के लिए गांव बदनाम हुआ. बदनामी खत्म हो, इसके लिए हमारी कोशिशें जारी हैं."

गांव के युवक नेहाल की फौज में नौकरी पक्की हुई है. वह कहते हैं इसी गांव के अकरम अंसारी, अल्फ्रेड केरकेट्टा सीमा पर शहीद हुए हैं. भाजपा वाले निमंत्रण लेकर आए, अच्छा किया. इससे तनाव कम होगा.

रांची में होने वाली मोदी की रैली के बारे में वह कहते है, गांव के युवकों में संशय भी है. दरअसल एक-दो के चक्कर में सबको शक से देखा जाता है."

गांव के दूसरे युवक दिलदार कहते है, "दहशतगर्दी किसी कौम को मजूर नहीं. मुजफ्फरनगर दंगे का दर्द सबके सामने है. चुनाव सामने हैं. रैलियां, सभाएं होगीं, नेता किस्म-किस्म का तिलिस्म बांधेंगे, इसे समझना-परखना होगा."

सुरक्षा-व्यवस्था

मुस्लिम पंचायत के रांची जिला अध्यक्ष मोहम्मद ओवेश आजाद गांव की पान दुकान पर बैठे मिले.

इस दुकान पर युवा-बूढ़े, बच्चे का हमेशा मजमां रहता है. दुकान पर भाजपा का झंडा भी लगा है. ओवेश कहते हैं कि किसी पार्टी के झंडे से क्यों कोई ऐतराज करें.

वह कहते हैं कि पिछले दो महीने से जांच के नाम पर लगातार पुलिस व एनआईए के अधिकिरयों का आना-जाना लगा है. इससे भी लोगों में डर-संशय है. सीठियो अब इस सबसे उबरना चाहता है.

दलों की दीवार के बीच देश को खतरे में नहीं डाला जा सकता.

रांची में मोदी की रैली की तिथि नजदीक आने के साथ ही सुरक्षा-व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं.

पुलिस के आला अधिकारी लगातार रैली स्थल और आस-पास के गांव, मोहल्ले का जायजा ले रहे हैं. आस-पास रहने वाले लोगों के रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं.

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भीमसेन टूटी के मुताबिक मैदान में चार वॉच-टावर, बीस सीसीटीवी व छह डूमर कैमरे लगाए जा रहे हैं. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी.

इधर रैली को जोरदार बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है.

लोग मोदी को सुन सकें, इसके लिए मैदान में पांच सौ चोंगा, तीस साउंड बॉक्स लगाए जा रहे हैं.

राज्य की विभिन्न जगहों से पांच स्पेशल ट्रेनें भाजपा कायर्कर्ताओं को लेकर 28 दिसंबर को रांची पहुंचेंगी.

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