ऑडिट नहीं तो लाइसेंस रद्द: दिल्ली सरकार

अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने कहा है कि दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली कंपनियों के खातों को सीएजी ऑडिट करेगा और इसमें सहयोग न करने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं.

दिल्ली विधानसभा में अपने अभिभाषण में उन्होंने दिल्ली सरकार का वीआईपी कल्चर ख़त्म करने का एजेंडा भी दोहराया और कहा कि सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे.

दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए उप राज्यपाल ने कहा, "बिजली कंपनियों की कैग से जांच कराई जा रही है और बिजली कंपनियों को इसमें सहयोग करना होगा."

उन्होंने कहा, "कैग तब से इन कंपनियों की जांच करेगा जब से बिजली के वितरण का निजीकरण हुआ है. जो कंपनियाँ जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगी उनका लाइसेंस निरस्त हो सकता है."

दिल्ली में वर्ष 2002 में बिजली का निजीकरण हुआ था. आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले हफ्ते बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और टाटा पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के खातों की कैग से जांच का आदेश दिया था.

ये कंपनियां अपने खातों की कैग से जांच कराए जाने का कड़ा विरोध कर रही हैं.

'आशा निराशा में बदली'

Image caption बीजेपी ने कहा है कि उप राज्यपाल के अभिभाषण से महँगाई और बेरोजग़ारी जैसे मुद्दे नदारद रहे.

उप राज्यपाल ने कहा, "सरकार विशेष अधिकारों और ताकत के प्रतीकों को ख़त्म करके जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम करेगी. कोई भी मंत्री या विधायक गाड़ियों पर लाल बत्ती का प्रयोग नहीं करेगा."

उप राज्यपाल के अभिभाषण के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की है.

दिल्ली में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहे डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि उन्हें उप राज्यपाल के बयान से निराशा हुई है.

उन्होंने कहा, "उप राज्यपाल के भाषण के बाद दिल्ली के लोगों की आशा निराशा में बदल गई है."

हर्षवर्धन ने कहा, " केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी रणनीति स्पष्ट नहीं की है. समस्या पर चर्चा है लेकिन समाधान का पता नहीं."

भाजपा ने कहा है कि केजरीवाल सरकार के पास योजनाओं की कमी है. रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण के बाद दिए भाषण में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक हेल्पलाइन नंबर शुरू करेंगे.

इस हेल्पलाइन के अभी तक शुरू न होने की भी बीजेपी ने आलोचना की.

हर्षवर्धन ने कहा कि उप राज्यपाल के अभिभाषण में महँगाई और बेरोजग़ारी जैसे मुद्दे भी नदारद रहे.

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