तकनीक बदली, बीबीसी के मूल्य नहीं: पीटर हॉरक्स

  • 7 जनवरी 2014
पीटर होरोक्स

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के निदेशक पीटर हॉरक्स का कहना है कि बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट भारत की शीर्ष अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ वेबसाइट है और दुनिया को समझने के लिए लाखों लोग इस पर भरोसा करते हैं.

नई दिल्ली में भारतीय जनसंचार संस्थान यानी आईआईएमसी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बीबीसी हिंदी डॉट कॉम भारत की शीर्ष दस वेबसाइट में से एक है और साल दर साल इसकी पहुँच दोगुनी से भी ज़्यादा रफ़्तार से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि ईटीवी पर आने वाले साप्ताहिक कार्यक्रम 'ग्लोबल इंडिया' के ज़रिए बीबीसी हिंदी ने टीवी पर कार्यक्रम उपलब्ध कराने की एक कामयाब शुरुआत की है.

पीटर हॉरक्स ने कहा, "भारत में बीबीसी हिंदी अब भी शॉर्टवेव पर उपलब्ध है और इसे करीब एक करोड़ लोग सुनते हैं, जिसे बीबीसी बहुमूल्य समझता है. लेकिन हम यह भी जानते हैं कि यह संख्या घट रही है. मैं ऐसे वक्त भारत में आकर बेहद उत्साहित हूं, जो देश के लिए एक निर्णायक वक्त है. कुछ ही महीनों में यहां आम चुनाव होंगे जिसमें यकीनन सभी बहुत व्यस्त रहेंगे."

भारतीय दर्शकों और श्रोताओं को लगातार बेहतरीन सामग्री उपलब्ध कराने का वादा करते हुए उन्होंने कहा, "हमारा काम सिर्फ़ दुनिया भर की ख़बरों को भारत में दिखाना नहीं है बल्कि दुनिया को यह दिखाना भी है कि भारत अपने असली स्वरूप में कैसा है इसलिए हमने अपने ग्लोबल टीवी चैनल, बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ पर चुनाव की तैयारियों को लेकर फ़रवरी से विशेष कार्यक्रम दिखाने की योजना बनाई है."

तकनीक की चुनौतियां

मीडिया में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर पीटर हॉरक्स का कहना था कि मीडिया के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि तकनीक ने कंटेट तक पहुंच और इसे ग्रहण करने का तरीका बदल दिया है.

Image caption बीबीसी हिन्दी का रेडियो प्रसारण भारत में बहुत ही लोकप्रिय है

उन्होंने कहा, "अपने ऑडियंस से हम जो संवाद करते हैं अब वो एकतरफ़ा नहीं रह गया है. यह तो दोतरफ़ा भी नहीं है. यह एक नेटवर्क है जो साझा करने, खुलेपन और विश्वास पर आधारित है. और इसके लिए उसमें शामिल होने, खुद को संवाद के लिए खोलने, आदान-प्रदान और मज़बूत साझेदारियां करने से बेहतर कुछ और नहीं हो सकता."

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दुनिया भर से विभिन्न माध्यमों से बीबीसी के काम को देखने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय रूप से बढ़ोतरी हुई है. उनका कहना था कि यह सफलता मुख्य रूप से बीबीसी के डिजिटल में निवेश करने और काम करने के तरीके में बदलाव का नतीजा है.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के निदेशक ने कहा, "हालांकि हमें अपनी उम्मीदों को पूरा करने के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है क्योंकि हमारी अंतरराष्ट्रीय ऑडियंस साल 2022 में दोगुनी होकर करीब 50 करोड़ तक पहुंच सकती है और भारत इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. सोशल मीडिया के माध्यम से हम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पूरे देश में संवाद कायम करने में कामयाब रहे हैं. इससे दुनिया को भारत के करीब लाने में मदद मिली है और अंतरराष्ट्रीय ख़बरों को भारतीय ऑडियंस से जोड़ने में सफलता मिली है."

उनका कहना था कि बीबीसी न्यूज़ की प्राथमिकता मोबाइल ऐप के लिए नए डिजिटल उत्पाद तैयार करना, वेब और टीवी को जोड़ना है.

उन्होंने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा ऑडियंस तक पहुंचने और दुनिया भर में मीडिया का स्तर ऊंचा करने के लिए वो साझेदारियों को एक महत्वपूर्ण ज़रिया मानते हैं और तकनीक में चाहे जो भी अंतर आए या समाचार सामग्री लोगों तक किसी भी तरह से पहुंचे, निष्पक्षता, तथ्यात्मकता और संतुलन जैसे बीबीसी के बुनियादी मूल्य हमेशा बरकार रहेंगे.

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