'आप' दफ़्तर पर तोड़फोड़, 12 गिरफ़्तार

  • 8 जनवरी 2014
आप दफ़्तर

आम आदमी पार्टी के कौशांबी स्थित मुख्यालय में कथित तौर पर कुछ हिंदू संगठनों ने तोड़फोड़ की है. ग़ाज़ियाबाद के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक़ इस केस में मुख्य आरोपी पिंकी चौधरी उर्फ़ भूपेंद्र तोमर समेत एक दर्ज़न लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

धर्मेंद्र सिंह ने बीबीसी को बताया, ''पिंकी चौधरी पर पहले से ही इसी तरह के तीन केस दर्ज हैं. इन लोगों पर उपद्रव फैलाने के केस में 147, 148 और 149 धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. इसके अलावा आप कार्यालय में महिलाओं से हुई अभद्रता की शिकायत पर भी धारा 354 लगाई गई है. इसके अलावा हम गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई करेंगे.''

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने इस हमले की निंदा की थी और कहा था कि यह हरकत सही नहीं ठहराई जा सकती और इसके ख़िलाफ़ उचित क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

हमले के पीछे बीजेपी के हाथ होने के बारे में एक सवाल पर नक़वी ने कहा, ''उन्हें हर काम में बीजेपी दिख रही है, हम इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते.''

हमले के बाद आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टिप्पणी करते हुए अपनी पार्टी कार्यालय पर सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है.

आम आदमी के प्रवक्ता दिलीप पांडे ने बीबीसी को बताया, "ख़ुद को हिंदू रक्षा दल का सदस्य बताने वाले कुछ लोगों ने आम आदमी पार्टी के कौशांबी स्थित दफ़्तर पर हिंसक प्रदर्शन किया. पार्टी के स्वयंसेवक तुरंत अंदर चले गए वरना कुछ लोगों को गंभीर चोट भी लग सकती थी."

दिलीप पांडे के अनुसार हमलावर बुधवार सुबह लगभग 11 बजे आप के दफ़्तर पहुंचे थे. उनके मुताबिक़, "तोड़फोड़ करने वालों के हाथ में झंडे थे और उन्होंने दफ़्तर पर पत्थरबाज़ी भी की, जिससे काफ़ी नुक़सान हुआ. दरवाज़े और खिड़कियाँ तोड़ दी गई हैं."

आप कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ पांच गाड़ियों में लगभग 30-40 लोग आए थे. पहले उन्होंने नारेबाज़ी की और अपशब्द का इस्तेमाल करने लगे. हमलावरों के हाथों में पत्थर और लाठियां थीं.

'सख़्त कार्रवाई हो'

आम आदमी पार्टी प्रवक्ता दिलीप पांडे के मुताबिक़ पार्टी चाहती है कि हमलावरों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई हो. उनके अनुसार हिंसक प्रतिक्रिया लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

ग़ाज़ियाबाद के इंदिरापुरम के सर्किल ऑफ़िसर रणविजय सिंह ने बताया, ''अभी हम किसी संगठन के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं."

वहीं हिंदू रक्षा दल से जुड़े होने का दावा करने वाले विष्णु गुप्ता ने कुछ भारतीय न्यूज़ चैनलों से कहा, "हमारे कार्यकर्ताओं, श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं और गाज़ियाबाद के बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कौशांबी दफ़्तर पर प्रतिक्रिया दी है. इस घटना के पीछे हमारी माँग थी कि जो प्रशांतभूषण ने बयान दिया है उसे वापस लिया जाए. कश्मीर में जनमत की बात करना ग़लत है. प्रशांत भूषण के इस बयान पर मैंने स्वयं उनकी पिटाई की थी."

विष्णु गुप्ता ने यह भी कहा, "आम आदमी पार्टी की सरकार अलगाववादियों और माओवादियों के हाथ में है. केजरीवाल उन्हीं की विचारधारा से काम कर रहे हैं."

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले प्रशांत भूषण ने भारत प्रशासित कश्मीर में सेना की तैनाती को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि सेना की तैनाती के लिए कश्मीर में जनमत संग्रह करवाना चाहिए.

उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी समेत कई पार्टियों और हिंदू संगठनों ने नाराज़गी जताई थी.

हालांकि बाद में पार्टी ने साफ़ कर दिया था कि प्रशांत भूषण का बयान पार्टी की आधिकारिक नीति नहीं है और यह उनकी निजी राय है.

'सुरक्षा लेना हल नहीं'

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस सुरक्षा लेने से या खुद को सुरक्षा घेरे में बंद कर देने से ये समस्या हल नहीं होगी.

केजरीवाल ने यह भी कहा कि यदि उनकी जान लेने से कश्मीर समस्या हल हो जाती है, तो इससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता.

केजरीवाल ने कहा, "ये समस्याएं सुरक्षा घेरे में खुद को बंद करने से हल नहीं होंगी. ये सिर्फ़ बातचीत से ही हल हो सकती है. मैं हमलावरों से अपील करता हूँ कि वो आएं और मुझसे बात करें. मैं सारे देश के सामने बात करने के लिए तैयार हूँ."

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