अदालत ने दिया गाय के डीएनए टेस्ट का आदेश

  • 10 जनवरी 2014
गीता और उसकी गाय

शायद दुनिया में अपनी तरह के पहले मामले में केरल की एक अदालत ने एक गाय का डीएनए टेस्ट करने का आदेश दिया है.

केरल के कोल्लम ज़िले की एक अदालत में एक महिला ने दावा किया था कि उसकी गाय को पड़ोसन ने ग़ैरकानूनी ढ़ंग से कब्ज़े में रखा है.

इसके बाद अदालत ने गाय का मालिकाना हक़ पता लगाने के लिए यह अनोखा आदेश दिया.

मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है कि गाय के ख़ून के नमूनों को राजधानी तिरुअनंतपुरम के एक शोध संस्थान राजीव गांधी सेंटर फ़ॉर बायोटेक्नोलॉजी में भेज दिया गया है और नतीजों की प्रतीक्षा की जा रही है.

मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर जी राजू ने कहा, "इस मामले की जांच चल रही है और हम डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं."

पुलिस जिसे 'विरला मामला' बता रही वह तब शुरू हुआ था जब गीता नाम की महिला ने अदालत में एक याचिका दायर कर अपनी पड़ोसन शशिलेखा पर गाय चोरी का आरोप लगाया था.

विश्वास

वह कहती हैं, "हमारे पास क़रीब 15 गायें हैं और उनमें से एक, कार्थिका, ने एक बछिया को जन्म दिया था. बाद में जंगल में चरते हुए उस बछिया को मेरी पड़ोसन ने चुरा लिया."

अदालत ने गाय का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया ताकि उसका मिलान उसकी माँ के डीएनए से किया जा सके.

गीता को उम्मीद है कि परिणाम उनके हक़ में ही आएंगे. वह कहती हैं कि आरोपी महिला डीएनए टेस्ट को रोकने की कोशिश कर रही है और जांच अधिकारी को बदलने की मांग कर रही है.

केरल के दक्षिणी हिस्से में ज़्यादातर परिवार पेशे से किसान हैं और अपनी जीविका पशुपालन से कमाते हैं.

गीता कहती हैं, "अपने जीवन में मैंने कभी भी जानवरों के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया. इसलिए मुझे दृढ़ विश्वास है कि भगवान कभी भी मेरे साथ किसी किस्म का धोखा नहीं करेगा."

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