नौटंकी नहीं जनतंत्र है ये: अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली पुलिस के चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दे रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को चैन की नींद नहीं सोने देंगे.

मगंलवार सुबह मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "दिल्ली के अंदर इतने अपराध हो रहे हैं तो शिंदे चैन की नींद कैसे सो सकते हैं. हम उन्हें चैन की नींद नहीं सोने देंगे."

केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली में माँ बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. पुलिस अपराधियों से मिली हुई है. ये सोचने की ज़रूरत है कि इस व्यवस्था को क्या हो गया है? क्यों एक मुख्यमंत्री को इस तरह धरने पर बैठने की ज़रूरत पड़ी है."

केजरीवाल मंगलवार सुबह धरने के दूसरे दिन मीडिया से बात कर रहे थे. वो सोमवार से ही रेल भवन के सामने धरने पर बैठे हैं.

उन्होंने कहा "देश की राजनीति बदल गई है. कांग्रेस, बीजेपी और मीडिया वाले भी समझ लें कि अब राजनीति ऐसी ही होगी. जिसे आप नौटंकी कह रहे हैं वही असली जनतंत्र है."

मुख्यमंत्री ने कहा, "इन लोगों को समझना चाहिए कि देश का पॉलिटिकल डिस्कोर्स बदल रहा है. शहर में इतने अपराध को सहन नहीं किया जाएगा."

दरअसल यह मामला दिल्ली सरकार के दो मंत्रियों सोमनाथ भारती और राखी बिड़ला के साथ दिल्ली पुलिस के तकरार से जुड़ा हुआ है.

सोमवार को केजरीवाल गृह मंत्रालय के बाहर धरने देने के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रेल भवन के पास रोक दिया था. उसके बाद केजरीवाल रेल भवन पर ही धरने पर बैठ गए थे.

मंत्री पुलिस आमने-सामने

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भारती ने पिछले हफ़्ते दिल्ली पुलिस से दक्षिणी दिल्ली के एक घर पर ये कहकर छापा मारने की मांग की थी कि वहां वेश्यावृत्ति और नशीली दवाओं का धंधा होता है.

आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती का कहना था कि दिल्ली पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि रात के समय वो किसी महिला वाली घर में छापा नहीं मार सकती.

लेकिन बाद में उस घर में रहने वाली महिलाओं और दूसरे अफ़्रीक़ी मूल के उनके कई साथियों ने आरोप लगाया कि मंत्री के साथियों ने औरतों के साथ अभद्र व्यवहार किया है.

भारती ने इन आरोपों से इनकार किया है.

दिल्ली पुलिस ने अदालत के आदेश पर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ युगांडा की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के लिए एफ़आईआर दर्ज की है.

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