राज ठाकरे के 'टोल मुक्त अभियान' पर विवाद

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पिछले हफ्ते भारतीय जनता पार्टी, शिव सेना, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन महायुती द्वारा 2014 चुनाव के बाद महाराष्ट्र को टोल मुक्त करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे को भी अपना अधूरा आंदोलन याद आया.

उन्होंने शुक्रवार को नवी मुंबई के ऐरोली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते वक्त पूरे राज्य में कहीं भी टोल न भरने और जबरदस्ती टोल वसूली की कोशिश करने वालों को पीटने का आदेश दे डाला.

पुलिस का कहना है कि पूरे राज्य में मनसे कार्यकर्ताओं ने टोल नाकों पर तोड़फोड और आगजनी शुरू कर दी. इसकी शुरुआत ठाणे के आनंदनगर तथा मुलुंड टोल नाकों से हुई.

टोल बूथों पर तोड़फोड़

देखते ही देखते यह बात पूरे राज्य में फैल गई. मनसे कार्यकर्ताओं ने राज्य के लगभग सभी टोल नाकों पर टोल वसूली जबरदस्ती बंद करवाई और टोल बूथों पर जमकर तोड़फोड़ की.

मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई और ठाणे समेत औरंगाबाद, पुणे, नागपुर शहरों में चल रही टोल वसूली बंद करवाई और टोल बूथ पर तोड़फोड़ की. मनसे कार्यकर्ताओं ने बूथ पर रखे कंप्यूटर, टीवी और अन्य सामान भी नष्ट कर दिया.

रविवार रात भर चले इस हंगामे के बाद सोमवार सुबह से राज्य के हर टोल नाके को पुलिस संरक्षण दिया गया है और टोल वसूली शुरू की गई है.

भारी पुलिस बंदोबस्त के बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने ठाणे के आनंदनगर तथा मुलुंड टोल नाकों पर गांधीगिरी शुरू कर, लोगों से टोल न भरने की अपील की. उधर मनसे विधायक प्रवीण दरेकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ वेस्टर्न एक्स्प्रेस हाईवे पर दहिसर टोल नाके पर पहुंचे.

लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त के चलते वह कुछ न कर सके. थोडी देर नारेबाजी करने के बाद दरेकर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने इस पूरे मामले को कांग्रेस की चाल बताया है.

"अचानक आंदोलन क्यों"

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Image caption मनसे कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद महाराष्ट्र के हर टोल बूथ पर पुलिस तैनात की गई है. (फ़ाइल फ़ोटो)

उनका कहना था, “मनसे का यह आंदोलन आने वाले चुनाव में उपद्रव का माहौल तैयार करने का प्रयास है. हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार, आनेवाले चुनाव में मनसे की भारी हार होती दिख रही है. जिसके चलते मनसे के नेताओं ने जनाधार पाने और उपद्रव का माहौल तैयार करने के लिये कांग्रेस की मदद से यह आंदोलन शुरू किया है. यह आनेवाले चुनाव में भाजपा-शिव सेना के वोट काटने के लिए किया जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि मनसे ने टोल के मामले को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की है.

भंडारी का कहना था, “मनसे नेता पिछले पखवाड़े तक किसी भी आंदोलन के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. फिर अचानक यह आंदोलन शुरू करने का कोई कारण नहीं दिखाई देता.’’

मनसे विधायक नितिन सरदेसाई ने कहा, “हमने यह मामला विधानसभा में उठाया, हमारे नेता राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री को इस मामले में चिट्ठी भी लिखी. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. इस मामले को सुलझाने तथा टोल वसूली में पारदर्शिता लाने के लिए जो भी जरूरी होगा, हम सब करेंगे.”

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