नीडो मामला: केजरीवाल का दिल्ली पुलिस पर निशाना

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Image caption दिल्ली में चल रहे पूर्वोत्तर के छात्रों के प्रदर्शन में मुख्यमंत्री भी पहुंचे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तनियम की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुँचे.

केजरीवाल ने प्रदर्शन कर रहे पूर्वोत्तर के छात्रों से नीडो मामले में मजिस्ट्रेट जांच की बात कही. उन्होंने कहा, "मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं. अब तीन-चार हफ्तों में सच सामने आ जाएगा."

उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली केवल दिल्ली वालों की नहीं है. इसलिए इसे दिल्ली वालों ही नहीं भारत के हर क्षेत्र के लोगों के लिए सुरक्षित बनाना है."

मुख्यमंत्री ने राजधानी की न्याय व्यवस्था को लचर बताते हुए कहा, "हमें आपराधिक न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा. आप मुझे बताएं क्या करना है, मैं वो करुंगा."

उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आश्वासन दिया कि वह दोषियों को फांसी की सज़ा दिलवाएंगे. साथ ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस की कटु आलोचना करते हुए उन्हें भी केस में अभियुक्त बताया.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने धरने पर मौजूद पूर्वोत्तर के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "नीडो तनियम की मौत के बारे में मुझे मीडिया की रिपोर्ट से जानकारी मिली. इसमें पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में देर क्यों की?"

उन्होंने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, "हमने पहले दिन से ही मजिस्ट्रेट जांच की मांग की थी. मैंने तभी कहा था कि दिल्ली की पुलिस नीडो मामले में स्वतंत्र तरीके से जांच करने में सक्षम नहीं है."

पूर्वोत्तर का इतिहास और संस्कृति

केजरीवाल के साथ वहां 'आप' के शहरी विकास मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पूर्वोत्तर के छात्रों से मुलाकात की. उन्होंने उन छात्रों से वादा किया कि वे दिल्ली की पाठ्य पुस्तकों में पूर्वोत्तर भारत के इतिहास की जानकारी रखेंगे.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि उसमें न केवल तथ्य और आंकड़े होंगे बल्कि पूर्वोत्तर के लोगों के साथ कैसा बर्ताव किया जाए, इसकी भी जानकारी होगी.

नीडो के पिता अरुणाचल प्रदेश के एक विधायक हैं. उनकी मौत के विरोध में और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली में पिछले कई दिनों से पूर्वोत्तर के छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

18 वर्षीय नीडो तनियन के परिजनों और मित्रों के अनुसार बुधवार को दिल्ली के लाजपत नगर में कुछ दुकानदारों ने नीडो और उसके दोस्त की कथित तौर पर पिटाई की थी जिसके बाद नीडो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

मंगलवार दिन में पूर्वोत्तर के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिला था और उनसे नीडो मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग रखी थी.

केंद्र में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री निनोंग इरिंग की अगुआई में छात्रों के प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा.

उन्होंने पूर्वोत्तर ही नहीं देश के अन्य हिस्से के लोगों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव पर गौर करने के लिए दिल्ली सरकार के अधीन एक समिति के गठन की मांग की.

ज्ञापन में दिल्ली के पाठ्यक्रम में पूर्वोत्तर के इतिहास और संस्कृति को शामिल करने की एक और मांग रखी गई थी.

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