सचिन और सीएनआर राव को मिला 'भारत रत्न'

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राज्य सभा सांसद सचिन तेंदुलकर को भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान 'भारत रत्‍न' से नवाज़ा गया है.

सचिन भारत रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी हैं.

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सचिन के साथ-साथ रसायन शास्त्री प्रोफ़ेसर सीएनआर राव को भी भारत रत्न प्रदान किया.

सम्मान प्राप्त करने के बाद तेंदुलकर ने पत्रकारों से कहा, "मुझे गर्व है कि मैं भारत में पैदा हुआ. भले ही मेरा बल्ला खामोश हो गया हो लेकिन मैं भारत के लिए लगातार बैटिंग करता रहूंगा."

सचिन ने पिछले साल नवंबर 2013 में मुबंई में वेस्‍टइंडीज के ख़िलाफ़ अपना अंतिम और 200वां टेस्‍ट खेलकर संन्‍यास ले लिया था.

सचिन के रिकॉर्ड जानिए

आख़िरी टेस्ट के दौरान ही भारत सरकार ने उन्हें यह सर्वोच्‍च सम्‍मान देने की घोषणा की थी.

सचिन ने क़रीब ढाई दशक के अपने क्रिकेट करियर के दोनों प्रारूपों -एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है.

सचिन ने अपने करियर में कुल 200 टेस्ट मैच खेले. उन्होंने टेस्ट मैचों में 53.78 की औसत से कुल 15921 रन बनाए हैं.

रिकॉर्डों के बादशाह

टेस्ट क्रिकेट में उनका उच्चतम स्कोर 248 रन है, जो उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ ढाका में बनाए थे. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 51 शतक और 68 अर्धशतक जमाए हैं.

इसी तरह एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने कुल 463 मैच खेले हैं. वनडे की 452 पारियों में उन्होंने 44.83 की औसत से 18426 रन बनाए हैं. इसमें 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल हैं.

सचिन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की माँग पिछले काफी समय से की जा रही थी. इसकी मांग करने वालों में देश के हर तबके और क्षेत्र के लोग शामिल थे.

सरकार ने कुछ समय पहले ही नियमों में बदलाव किया था. इसके बाद खिलाड़ियों को भी देश का सर्वोच्च सम्मान देने का रास्ता आसान हो गया था.

वैज्ञानिक को भी सम्मान

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मशहूर रसायन विज्ञानी सीएनआर राव के विभिन्न विज्ञान पत्रिकाओं में 14 सौ से अधिक लेख और 45 से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है.

रसायन शास्त्र की गहरी जानकारी रखने वाले राव फ़िलहाल बंगलौर स्थित जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च में कार्यरत हैं.

उन्हें इससे पहले पद्म विभूषण से नवाज़ा जा चुका है जो भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है.

मुंहफट छवि वाले प्रोफ़ेसर चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव, जाने माने वैज्ञानिक सीवी रमन और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बाद तीसरे वैज्ञानिक हैं जिन्हें भारत रत्न प्रदान किया गया.

उनासी साल के जवान

दुनियाभर की प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाएं, रसायन शास्त्र के क्षेत्र में उनकी मेधा का लोहा मानती हैं. वे दुनियाभर के उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में से एक हैं जो तमाम प्रमुख वैज्ञानिक शोध संस्थाओं के सदस्य हैं.

बीते पांच दशकों में राव 'सॉलिड स्टेट' और 'मटेरियल कैमिस्ट्री' पर 45 किताबें लिख चुके हैं और इन्हीं विषयों पर उनके 1400 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं.

वैज्ञानिकों की जमात मानती है कि राव की उपलब्धियां, सचिन के सौ अंतरराष्ट्रीय शतकों के बराबर हैं.

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