जंग शरियत के लिए है तो बातचीत भी शरियत के लिए होगी: तालिबान

तालिबान प्रवक्ता इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तलिबान प्रवक्ता ने फिर शरियत पर दिया ज़ोर

तहरीके तालिबान पाकिस्तान ने कहा है कि अगर उन्हें शरियत के अलावा कोई और व्यवस्था मंज़ूर होती तो फिर वो जंग ही न करते.

तालिबान के प्रवक्ता शाहिदुल्लाह शाहिद ने बीबीसी उर्दू की संवाददाता ताबिंदा कोकब गिलानी से ख़ास बातचीत में कहा कि वो सरकार के साथ बातचीत शरियत को लागू करने के मक़सद से कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "हम जो जंग लड़ रहे हैं वो शरियत के लिए लड़ रहे हैं, अभी जो हम बातचीत करेंगे वो शरियत के लिए करेंगे."

पिछले दिनों ही पाकिस्तान में सरकार और तालिबान के प्रतिनिधियों की बातचीत शुरू हुई.

कई बरसों से चरमपंथी हिंसा झेल रहे पाकिस्तान में पिछले साल सत्ता में आए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने तालिबान के साथ बातचीत शुरू की है.

हालांकि पीपीपी जैसी मुख्य विपक्षी पार्टी इसका विरोध कर रही है, जबकि हाल के दिनों में एक के बाद एक चरमपंथ हमलों के बावजूद क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी शांति वार्ता के हक में है.

इस साल सिर्फ़ जनवरी में देश के कई हिस्सों में तालिबान के हमले में 100 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें कई सैनिक भी हैं, जबकि वर्ष 2007 से मारे गए लोगों की संख्या हज़ारों में है.

'मुश्किल नहीं'

सरकार की तरफ़ से बातचीत के लिए पेश किए गए प्रस्तावों के बारे में तालिबान प्रवक्ता का कहना है कि उन पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इस बारे में फैसले वो अपनी प्रतिनिधि कमेटी से बातचीत के बाद ही लेंगे.

सरकार ने कहा है कि ये बातचीत पाकिस्तानी संविधान के दायरे में ही होगी और इस दौरान कोई हिंसा नहीं होनी चाहिए.

जब तालिबान प्रवक्ता से पूछा गया कि देश में पहले से लागू संविधान और कानून की जगह शरियत लागू करने के बारे में कैसे बातचीत आगे बढ़ेगी, तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि ये बहुत आसान है.

उनके अनुसार, "पहली बात तो ये कि जिनके साथ बातचीत हो रही है वो सब दावा करते हैं कि हम सब मुसलमान हैं, पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर बना है तो ये किसी मुसलमान के लिए मुश्किल नहीं. अब हम अमरीका से मांग करें कि वो शरियत को लागू करे तो उनके लिए मुश्किल होगा, लेकिन ये लोग तो अपने आपको मुसलमान कहते हैं."

तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के प्रस्तावों पर विचार हो रहा है, लेकिन वो अभी इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे.

उनका कहना है कि दो अलग अलग प्रतिनिधिमंडलों की तरफ़ से बातचीत में अलग अलग मांगें रखी जाएंगी. 'लेकिन हम संतुष्ट है कि शरियत लागू करने के लिए ये बातचीत कामयाब होगी.'

तालिबान प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि तालिबान की प्रतिनिधि कमेटी से उनकी मुलाकात अगले चार पांच दिन में होगी.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार