जीपीएस तकनीक से गिने जा रहे हैं मुंबई के पेड़

बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर में पेड़ों की गिनती का काम शुरू किया है, लेकिन यह आम गणना नही है.

इस बार महानगर पालिका अधिकारी और गणना में शामिल स्वयंसेवक जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. महानगरपालिका के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है.

इस नई प्रणाली द्वारा, कम से कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा पेडों की जानकारी इकट्ठी की जा सकेगी. आने वाले साल तक 30 महानगरपालिका के अधिकारी, स्वयंसेवक तथा वनस्पति विज्ञानी पूरे मुंबई शहर के पेड़ों की गिनती का काम करेंगे और उनके बारे में हर जानकारी इकट्ठा करेंगे.

महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त एस.वी.आर. श्रीनिवास ने कहा, “पहली बार पेड़ों की गिनती तथा सर्वेक्षण में जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल होगा. इस तकनीक से सिर्फ 10 मिनट में पेड़ के बारे में हर जानकारी मसलन उसका जीपीएस स्थान, उसके तने की गोलाई, उसकी प्रजाति के बारे में जानकारी हासिल कर ली जाएगी."

2.7 करोड़ का अभियान

ज़ाहिर है जीपीएस तकनीक के इस्तेमाल से समय की बचत होगी और पेड़ पौधों के बारे में एकदम सटीक जानकारी मिलेगी.

श्रीनिवास आगे बताते हैं, "पेड़ के बारे में हर तरह की जानकारी हासिल होने के बाद उसका संगणकीकरण कर दिया जाएगा और हर पेड़ को विशिष्ट पहचान दी जाएगी, इसके बाद उस पर पेड़ पर इंटरनेट के जरिए नज़र रखना संभव होगा."

इससे पेड़ पौधों के संरक्षण और संवर्धन में काफी मदद मिलेगी. श्रीनिवास के मुताबिक पेड़ों की गिनती पूरी होने के बाद संबंधित सारी जानकारी महानगरपालिका की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी.

श्रीनिवास ने बताया, "जब सभी पेड़ों की जानकारी एकत्रित हो जाएगी तो पेड़ों की अवैध कटाई पर भी रोक लगेगी. जीपीएस के जरिए पेड़ के स्वास्थ्य की जानकारी भी मिलेगी, जिससे हम आगे चलकर पेड़ों की बेहतर देखभाल कर पाएंगे."

इस अभियान पर महानगरपालिका 2.7 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है. इसके तहत सरकारी स्वामित्व के साथ साथ निजी स्वामित्व वाले पेड़ों की भी गिनती होगी.

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