राजद विधायकों के साथ सड़क पर उतरे लालू

लालू प्रसाद यादव इमेज कॉपीरइट AFP

राष्ट्रीय जनता दल में बग़ावत के दावे-प्रतिदावे के बीच पार्टी 'सुप्रीमो' लालू यादव बाग़ी बताए जा रहे 13 विधायकों में से नौ विधायकों के साथ मीडिया के सामने आए.

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आपत्तिजनक हथकंडे आपनाने और विधानसभा स्पीकर पर उनका साथ देने का आरोप लगाया है.

सोमवार को राजद के कुछ विधायकों ने दावा किया था कि उन्होंने पार्टी से अलग अपना गुट बना लिया है और विधानसभा में उन्हें मान्यता भी मिल गई है.

बीबीसी से बातचीत में बाग़ी विधायकों में से एक जावेद इक़बाल अंसारी ने दावा किया था कि उनके साथ राजद के 22 में से 13 विधायक हैं.

'कई विधायकों के दस्तख़त फर्ज़ी'

इससे पहले मंगलवार सुबह राजद विधायकों की बैठक पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर हुई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस बैठक में चार विधायकों को छोड़कर सभी विधायकों ने हिस्सा लिया. इनमें वो विधायक भी शामिल थे, जिन्हें पहले बाग़ी माना जा रहा था.

बैठक के बाद लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों और नेताओं ने विधानसभा की ओर मार्च किया.

विधानसभा भवन के पास पहुँचने पर जब पुलिस ने राजद समर्थकों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया. बाद में उन्हें विधानसभा भवन में जाने की अनुमति मिली.

लालू अपने विधायकों के साथ विधानसभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी से मिलने पहुंचे थे, लेकिन ये मुलाकात नहीं हो पाई.

लालू प्रसाद ने कहा, "नीतीश की सरकार अल्पमत में है और इस कारण वो हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं." लालू प्रसाद ने कहा कि इस मसले पर अपने विधायकों के साथ राज्यपाल भी मिलेंगे.

इसके बाद लालू प्रसाद ने अपनी पार्टी के विधायकों के समर्थन की चिट्ठी विधानसभा सचिव को सौंपी.

राजद के नेता रघुवंश प्रसाद ने सत्ताधारी पक्ष की ओर से राज्य में विधायकों की ख़रीद-फरोख़्त करने की कोशिश के आरोप लगाए.

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए. लालू यादव ने दावा किया कि कई विधायकों के दस्तख़त फ़र्जी हैं और विधानसभा अध्यक्ष ने उन विधायकों से बात किए बिना कैसे उन्हें अलग गुट के रूप में मान्यता दे दी.

लालू प्रसाद ने कहा, "हमने विधानसभा सचिव को विधायकों के समर्थन की हस्तलिखित चिट्ठी देकर अपना विरोध दर्ज कराया गया है. "

'यदि लोग आएँ तो स्वागत है'

इमेज कॉपीरइट PTI

लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों को तोड़ने की कोशिशों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी ठहराया.

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में कहा था, ''जहां तक जनता दल यूनाइटेड का सवाल है, लोग यदि हमारे पास आते हैं तो हम इसका स्वागत करेंगे.''

इसके बाद से ही राज्य में सियासी गहमा-गहमी बढ़ गई थी. बिहार में यह सारा घटनाक्रम ऐसे वक्त हो रहा है जब लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं.

वहीं पटना में लालू प्रसाद यादव का कहना है वह इस मुद्दे को पूरे बिहार में उठाएंगे और किसी का लेहाज़ नहीं करेंगे.

कुछ बाग़ी विधायकों ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी से अलग अपना गुट बना लिया है और विधानसभा में उन्हें मान्यता भी मिल गई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार