रामविलास पासवान को मोदी क़ुबूल

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Image caption रामविलास और राजनाथ हुए एक साथ

बहुत पुरानी कहावत है कि राजनीति में कोई भी चीज़ स्थाई नहीं होती है, न दोस्ती न दुश्मनी. इस पुरानी कहावत को एक बार फिर दोहराते हुए रामविलास पासवान ने भाजपा से गठबंधन करते हुए एनडीए में शरण ले ली है.

रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए औपचारिक रूप से गठबंधन की घोषणा हो गई है.

गुरूवार की देर शाम भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के निवास पर रामविलास पासवान और राजनाथ सिंह के बीच हुई बैठक में गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया.

इससे पहले गुरूवार की दोपहर भाजपा के तीन वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूढ़ी और शहनवाज़ हुसैन ने पासवान के घर जाकर उनसे मुलाक़ात की थी और गठबंधन से जुड़े मुद्दों को अंतिम रूप दिया था.

समझौते के तहत लोक जनशक्ति पार्टी बिहार में सात सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी.

एलजेपी की सीटें

एलजेपी किन-किन सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन जानकार सूत्रों के अनुसार हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर, मुंगेर, वैशाली, खगड़िया, और नालंदा संसदीय सीटों पर एलजेपी चुनाव लड़ेगी.

पासवान स्वंय अपनी पारंपरिक सीट हाजीपुर से लड़ेंगे, पासवान के बेटे और लोक जनशक्ति पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग़ पासवान जमुई से लड़ सकते हैं और समस्तीपुर से पासवान के भाई रामचंद्र पासवान चुनाव लड़ेंगे.

भारतीय जनता पार्टी बिहार में पहले ही उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के साथ समझौता कर चुकी है. उपेंद्र कुशवाहा को तीन सीटें मिली हैं.

इस तरह से 40 सीटों वाले बिहार प्रदेश में भाजपा अब केवल 30 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

गुरूवार की शाम गठबंधन की घोषणा करते हुए पासवान ने कहा कि आने वाले चुनावों में एनडीए को पूर्ण बहूमत हासिल होगा. इस मौक़े पर पासवान ने राजनाथ सिंह की जमकर तारीफ़ की और नरेंद्र मोदी को एनडीए के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में स्वीकार कर लिया.

पासवान का कहना था, ''इसमें कोई दो मत नहीं लगता है कि अगली सरकार एनडीए की सरकार होगी.''

ग़ौरतलब है कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों के बाद पासवान ने एनडीए को छोड़ दिया था. पासवान उस समय एनडीए के हिस्सा थे और केंद्र में वाजपेयी सरकार में मंत्री थे.

2002 के बाद से पासवान हमेशा से यही कहते रहें हैं कि एनडीए में शामिल होना उनकी सबसे बड़ी भूल थी.

यहां तक की साल 2013 में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बीजेपी को भारत जलाओ पार्टी क़रार दिया था.

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